
T20 World Cup 2026 Arshdeep Singh: भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के लिए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद बुरी खबर सामने आई है. टीम इंडिया के इस तेज गेंदबाज पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बड़ी कार्रवाई की. उन्होंने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मैच एक गलती की थी, जिस पर क्रिकेट को चलाने वाली संस्था ने एक्शन लिया है. उन्होंने मैच के दौरान कीवी बल्लेबाज डेरिल मिचेल को गेंद मार दी थी. वह मिचेल को रन लेने से रोकना चाहते थे, लेकिन उन्होंने गलत तरीके से गेंद को फेंका.
अर्शदीप द्वारा गेंद फेंकने से मिचेल को जोरदार चोट लगी. न्यूजीलैंड के बल्लेबाज ने इस गुस्सा भी जाहिर की और अंपायर से अर्शदीप की शिकायत की. अर्शदीप ने उसी समय तो नहीं, लेकिन मैच के बाद जरूर माफी मांग ली थी. हालांकि, तब तक मामला आईसीसी के पास पहुंच चुका था. अब इस पर एक्शन लिया गया है और अर्शदीप के ऊपर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया.
क्यों दोषी पाए गए भारतीय गेंदबाज?
अर्शदीप को खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहायता कर्मियों के लिए निर्धारित आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है. यह नियम किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी अन्य खिलाड़ी पर या उसके पास “अनुचित और/या खतरनाक तरीके से गेंद (या क्रिकेट के किसी अन्य उपकरण) को फेंकने” से संबंधित है. खेल भावना के विपरीत किए गए इस कार्य को अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना गया. आर्थिक जुर्माने के अतिरिक्त, अर्शदीप के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है. गौरतलब है कि पिछले 24 महीने की अवधि के भीतर अर्शदीप का यह पहला अपराध था, जिस कारण उन पर यह दंड लगाया गया है. यदि यह अपराध दोहराया जाता है, तो भविष्य में उन पर प्रतिबंध का खतरा बढ़ सकता है.
मैदान पर क्या हुआ था?
यह घटना न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर के दौरान हुई. अर्शदीप सिंह ने अपनी ही गेंद पर फॉलो-थ्रू में गेंद को फील्ड किया और उसे आक्रामक तथा अनुचित तरीके से बल्लेबाज डेरिल मिचेल की ओर फेंक दिया. यह थ्रो इतना सीधा था कि गेंद सीधे मिचेल के पैड्स पर जा लगी. मैदान पर मौजूद अंपायरों ने इस व्यवहार को खतरनाक और अनावश्यक माना.
क्या अर्शदीप ने गलती मानी?
मैच के बाद अर्शदीप ने एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को बिना किसी विरोध के स्वीकार कर लिया. चूंकि खिलाड़ी ने अपना अपराध और सजा दोनों स्वीकार कर ली हैं, इसलिए इस मामले में किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी और अनुशासन की कार्रवाई को तुरंत प्रभावी कर दिया गया. अर्शदीप के खिलाफ यह आरोप मैदान पर अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ, तीसरे निर्णायक अलाउद्दीन पालेकर और चौथे निर्णायक एड्रियन होल्डस्टॉक द्वारा लगाए गए थे. इन सभी अधिकारियों ने एकमत होकर गेंदबाज की इस हरकत को आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया.
कितनी गंभीर है लेवल 1 की सजा?
आईसीसी के नियमों के अनुसार, लेवल 1 के उल्लंघन के लिए न्यूनतम दंड एक आधिकारिक फटकार और अधिकतम दंड खिलाड़ी की मैच फीस का 50 प्रतिशत तक का जुर्माना होता है. इसके साथ ही खिलाड़ी के खाते में एक या दो डिमेरिट अंक भी जोड़े जाते हैं. अर्शदीप के मामले में उनकी पिछली बेदाग छवि को देखते हुए केवल 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है.
कब लग सकता है मैच का प्रतिबंध?
नियमों के अनुसार, जब कोई खिलाड़ी 24 महीने की अवधि के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट अंक प्राप्त कर लेता है, तो उन्हें सस्पेंशन पॉइंट्स में बदल दिया जाता है और खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है. दो सस्पेंशन पॉइंट्स का अर्थ है एक टेस्ट मैच या दो वनडे या दो टी20 मैचों से प्रतिबंध. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ये डिमेरिट अंक रिकॉर्ड पर 24 महीनों तक रहते हैं, जिसके बाद उन्हें मिटा दिया जाता है.






