
कई बार सऊदी जाना सबके लिए बहुत अच्छा संकेत नहीं होता, क्योंकि वहां के शेख लोग महिलाओ को तो छोड़ो पुरुषों को भी नहीं छोड़ते हैं. वे भारतीय लोगों का किसी ना किसी रूप में शोषण करते ही रहते हैं. इस बात पर पुख्ता सबूत तब मिले जब एक भारतीय महिला वहां के शेख की कैद से भागकर आई. सऊदी से वापस आकर महिला ने खोली शेखों की पोल, वहां से बहुत मुश्किल से उसे छुड़ाया गया और अब वो वापस आकर सऊदी अरब में अपने साथ हुए अत्याचारों को पुलिस के सामने स्वीकार की.
आज का समय इतना तेज और आगे चला गया है कि किसी पर भी भरोसा करना बहुत ही मुश्किल हो गया है. ऐसा करके उस महिला ने भी बहुत बड़ी गलती कर दी थी जब उसने अपने परिवार की खुशी के लिए अपने आपको ऐसे नरक में भेज दिया. एक ऐसी महिला जिसका परिवार आर्थिक रूप से जूझ रहा था और उसके पति को सऊदी जाना था लेकिन सेहत सही ना होने की वजह से वो जा नहीं सका.
इसलिए उसकी महिला ने जाने की जिद की, फिर एक एजेंट के जरिए वो सऊदी अरब पहुंच गई. वहां वो एक शेख के घर गई जहां उसे कुछ दिन तो ठीक से रखा गया वो अपने काम से काम रखती थी लेकिन कुछ समय के बाद उसका हर तरह से शोषण होने लगा. उस महिला ने वापस आकर अपनी सारी स्थिति कुछ इस तरह बताई कि वहां उसे लोगों के जूठे बर्तन में जूठे खाने को दिया जाता था फिर शेख लोग उसके साथ दिन-रात शोषण करते थे और 24 घंटे में सिर्फ 3 घंटे ही सोने देते थे.
कई बार वो अगर सुबह उठ नहीं पाती थी तो वहां की मैडम उसे लात मारकर उठाती थीं और शेख के अलावा उसके बच्चे भी उस महिला के साथ गलत काम करने की कोशिश किया करते थे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उस महिला का हाल बहुत ज्यादा खराब सा हो गया था और सभी उसे एक जानवर की तरह ही रखते थे और कुछ समय पहले से उसे उसके परिवार में बात भी नहीं करने देते थे. वो दिन रात रोती बिलखती लेकिन कोई वहां ऐसा नहीं था जो उसकी फरियाद सुन सके.
उस महिला की स्थिति जानने के लिए उसका पति एजेंट के पास गया और बताया कि कुछ दिनों से उसकी पत्नी से बात नहीं हो पा रही है तो क्या वो बता सकता है कि उसकी पत्नी कैसी है. उस एजेंट ने बहुत बार बात को टाल दिया लेकिन जब बात बढ़ी तो उस आदमी ने पुलिस का सहारा लिया. फिर छानबीन में पता चला कि वो एजेंट महिलाओं को झांसा देकर अरब भेजता है और वहां के शेखों से खूब पैसा बनाता था. जैसे ही पुलिस को इस सारी घटना के बारे में पता चला तो पुलिस ने उन शेखों का नंबर पता किया और उन नंबर के आधार पर भारतीय दूतावास की मदद से उस महिला को आजाद कराया गया.



