Friday, February 27, 2026
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3 बार तलाक बोलने के बाद भाई और बहनोई को सौंप दी अपनी पत्नी फिर जब पुलिस के पास पहुंचा मामला तो

3 बार तलाक बोलने के बाद भाई और बहनोई को सौंप दी अपनी पत्नी फिर जब पुलिस के पास पहुंचा मामला तो
3 बार तलाक बोलने के बाद भाई और बहनोई को सौंप दी अपनी पत्नी फिर जब पुलिस के पास पहुंचा मामला तो

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने दहेज प्रताड़ना और तीन तलाक कानून को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। यह प्रकरण कटघर थाना क्षेत्र से जुड़ा था, जहां एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे।

पीड़िता का निकाह 28 फरवरी 2022 को संभल जनपद के लुकन्दरी सराय निवासी युवक से हुआ था। विवाह के बाद से ही, महिला के अनुसार, पति, सास और ननद द्वारा दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाता था। उसने यह भी आरोप लगाया था कि परिवार के कुछ अन्य सदस्य, जिनमें देवर और बहनोई शामिल थे, उस पर गलत नजर रखते थे। शिकायत में यह भी कहा गया था कि पति ने उसके आपत्तिजनक फोटो खींच लिए थे और उन्हें इंटरनेट पर प्रसारित करने की धमकी देता था।

महिला के अनुसार, जब उसने इन बातों का विरोध किया था, तो उसके साथ मारपीट की गई थी। उसने आरोप लगाया था कि प्रताड़ना और हिंसा के कारण उसके 11 जनवरी को जन्मे शिशु की कम समय में मृत्यु हो गई थी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के अधीन बताई गई थी।

घटनाक्रम के अनुसार, 30 अगस्त 2023 को कथित रूप से मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया था। इसके बाद 10 सितंबर 2023 को पति और अन्य लोग उसके मायके पहुंचे थे और उसे जबरन साथ ले जाने का प्रयास किया था। विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया गया था। इसी दौरान पति द्वारा तीन तलाक कहकर संबंध समाप्त करने की बात भी सामने आई थी।

पीड़िता ने आरोप लगाया था कि तलाक बोलने के बाद उस पर देवर और बहनोई के साथ हलाला कराने का दबाव बनाया गया था। उसने यह भी कहा था कि दोनों ने जबरन दुष्कर्म की कोशिश की थी।

मामले में प्रारंभिक स्तर पर थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने का आरोप भी लगाया गया था। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के आदेश पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था और जांच शुरू की गई थी।

यह मामला वर्ष 2023 में दर्ज उन घटनाओं में शामिल रहा था, जिनमें दहेज प्रताड़ना, वैवाहिक विवाद और तीन तलाक कानून के उल्लंघन के आरोप एक साथ सामने आए थे। समय बीतने के बाद भी यह प्रकरण उस दौर की एक गंभीर सामाजिक-आपराधिक घटना के रूप में याद किया जाता रहा, जिसकी अंतिम सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से तय होनी थी।

me.sumitji@gmail.com

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