Disney Layoffs: दुनिया की दिग्गज एंटरटेनमेंट कंपनी डिज्नी में एक बार फिर बड़े पैमाने पर नौकरियां जाने का खतरा मंडरा रहा है. कंपनी अपने खर्चों को कम करने के लिए एक बड़े प्लान पर काम कर रही है. इसके तहत आने वाले समय में हजारों कर्मचारियों की छुट्टी की जा सकती है. हालांकि, कंपनी की तरफ से अभी तक छंटनी की कुल संख्या या इसकी तय तारीख को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. लेकिन अंदरूनी स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं.

मैनेजर्स को मिला बजट घटाने का सख्त टारगेट

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डिज्नी ने अपने कुछ मैनेजर्स को साफ निर्देश दिए हैं. उनसे कहा गया है कि वे अपने विभागों के सालाना खर्च में 20 फीसदी तक की बचत करने के तरीके खोजें. मैनेजर्स इस बड़े टारगेट को पूरा करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाने का रास्ता चुन सकते हैं. स्टाफ कम करने के साथसाथ कंपनी के दूसरे ऑपरेशनल खर्चों में भी कैंची चलाई जा सकती है.

इस मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि बजट में होने वाली ये कटौती पूरी कंपनी में एक जैसी नहीं होगी. डिज्नी के अलगअलग कारोबार पर इसका अलग असर देखने को मिलेगा. कंपनी के थीम पार्क, टीवी नेटवर्क, फिल्म स्टूडियो जैसे प्रमुख कारोबारों के कुछ खास विभागों पर इस छंटनी की सबसे ज्यादा मार पड़ सकती है.

बचाए गए पैसों से भविष्य का कारोबार चमकाने की तैयारी

डिज्नी का पूरा ध्यान सिर्फ पैसे बचाने तक सीमित नहीं है. कंपनी उन क्षेत्रों को मजबूत करना चाहती है जहां भविष्य में आगे बढ़ने की अच्छी संभावनाएं हैं. रिपोर्ट बताती है कि खर्च में कटौती करके जो रकम बचाई जाएगी, उसका एक बड़ा हिस्सा कंपनी के दूसरे फायदेमंद कारोबारों में लगाया जाएगा.

इस बचत से फिल्मटीवी प्रोग्रामिंग, नई टेक्नोलॉजी, थीम पार्क के विस्तार के अलावा क्रूज शिप कारोबार में नया निवेश किया जा सकता है. डिज्नी ने चालू वित्त वर्ष में अपने एडजस्टेड अर्निंग्स पर शेयर में दोहरे अंकों की बढ़ोतरी हासिल करने का लक्ष्य रखा है. यही वजह है कि खर्चों पर लगाम लगाना अब कंपनी की रणनीति का सबसे अहम हिस्सा बन गया है.

पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में क्यों मची है उथलपुथल?

खर्च घटाने या स्टाफ कम करने के मामले में डिज्नी अकेली नहीं है. पिछले कुछ सालों में पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री इस दबाव से गुजर रही है. नेटफ्लिक्स , सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट , स्काईडांस की पैरामाउंट से लेकर वार्नर ब्रदर्स जैसी बड़ी कंपनियां भी अपने यहां नौकरियों में कटौती कर चुकी हैं.

इस पूरे संकट के पीछे दर्शकों की बदलती आदतें सबसे बड़ी वजह हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पारंपरिक टेलीविजन से होने वाली कमाई लगातार गिर रही है. दूसरी तरफ स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर नए सब्सक्राइबर जुड़ने की रफ्तार भी अब धीमी पड़ गई है. आज का दर्शक तेजी से सोशल मीडिया या ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म की तरफ शिफ्ट हो रहा है. इसके अलावा अमेजन और एप्पल जैसी दिग्गज टेक कंपनियों ने भी अपने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म उतारकर इस बाजार का कंपटीशन काफी कड़ा कर दिया है. इसी बदलते माहौल में टिके रहने के लिए डिज्नी जैसी कंपनियों को अब कड़े फैसले लेने पड़ रहे हैं.