Thursday, February 12, 2026
IndiaTrending

एक युवकˈ पुलिस की नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गया पुलिस अफसर ने उससे पूछा कि अगर सेब का दाम 150 रुपये किलो हैं तो 100 ग्राम सेब कितने के आएंगेˌ

एक युवकˈ पुलिस की नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गया पुलिस अफसर ने उससे पूछा कि अगर सेब का दाम 150 रुपये किलो हैं तो 100 ग्राम सेब कितने के आएंगेˌ
एक युवकˈ पुलिस की नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गया पुलिस अफसर ने उससे पूछा कि अगर सेब का दाम 150 रुपये किलो हैं तो 100 ग्राम सेब कितने के आएंगेˌ

एक युवक पुलिस की नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गया पुलिस अफसर ने उससे पूछा कि अगर सेब का दाम 150 रुपये किलो हैं तो 100 ग्राम सेब कितने के आएंगे।

युवक की गणित कमज़ोर थी, मगर चतुराई भरपूर थी, बोला….,साहब अगर 100 ग्राम सेव के मुझें पैसे देने पड़े तो फ़िर पुलिस के सिपाही की नौकरी किस काम की…??

अफसर….. चलो मान लेते हैं, लेकिन अगर तुम्हारी पत्नी बाज़ार जाए तो 150 रुपए प्रति किलो के रेट से 100 ग्राम सेब उसे कितने का पड़ेगा …

युवक बोला….अरे साहब, उसकी क्या बात करते हैं। अपनी पत्नी को मैं आपसे ज्यादा जानता हूं, 100ग्राम लेना है तो वो 100 ग्राम सेब का ही रेट पूँछेगी, पक्का…

अफसर…. अच्छा चल ये भी माना मगर, अगर तेरा भाई यही लेने बाज़ार जाए तो……

युवक…..उसकी बात मत करो साहब… वो किसी काम का नही, एक नम्बर का कामचोर है।

सारा दिन खाकर पड़ा रहता है।

अफसर ने हार नहीं मानी, बोला….अगर तुम्हारा बाप सेब लेने जाए तो इस रेट के हिसाब से 100 ग्राम सेब का दाम क्या होगा..

अरे साहब, मेरे पिता के तो मुंह में दाँत ही नही बचे हैं,

मेरा बापू केला खाता हैं,

फ़िर न वो सेव खरीदेंगे औऱ न ही रेट पूछेंगे ।

अफ़सर भी ढीठ था, फिर पूछ बैठा…..

अगर मजबूरी में घर पर कोई न हो औऱ तुम्हारी बहन सेव खरीदने बाजार जाए तो…

युवक….सर मैने उसकी शादी पांच साल पहले ही कर दी है,

अब वो जाने और बहनोई जाने…..

उनकी इच्छा..सेव ख़रीदे, लीची ख़रीदे, संतरा ख़रीदे, आम ख़रीदे…. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मुझें उससे क्या……

और वैसे भी साहब, नौकरी मैं करूँगा या पूरा मेरा खानदान करेगा ….

अफसर के सब्र का बांध अब टूटने लगा था…..

बहुत गुस्से में बोला….

भाई अगर कोई बिलकुल आम आदमी सेब लेने जाए तो 100 ग्राम सेब कितने का हुआ,

अब बताओ……

युवक…..साहब आम आदमी को सेब खाने लायक सरकार औऱ हमारे सिस्टम ने छोड़ा ही कहाँ है, वो तो बेचारा नमक रोटी में परेशान है……

आम आदमी तो बस सेव का ठेला लगाता है और खास आदमी ही ख़रीद कर सेव खाता है

me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply