Tuesday, February 10, 2026
Gazab

ˈएक व्यक्ति मरकर नर्क में पहुंचा। वहां उसने देखा कि प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी देश के नर्क में जाने की छूट है। उसने सोचा – चलो अमेरिकी नर्क में जाकर देखें। जब वह वहां पहुंचा तो द्वार पर पहरेदार से पूछाˌ

ˈएक व्यक्ति मरकर नर्क में पहुंचा। वहां उसने देखा कि प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी देश के नर्क में जाने की छूट है। उसने सोचा – चलो अमेरिकी नर्क में जाकर देखें। जब वह वहां पहुंचा तो द्वार पर पहरेदार से पूछाˌ
ˈएक व्यक्ति मरकर नर्क में पहुंचा। वहां उसने देखा कि प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी देश के नर्क में जाने की छूट है। उसने सोचा – चलो अमेरिकी नर्क में जाकर देखें। जब वह वहां पहुंचा तो द्वार पर पहरेदार से पूछाˌ

एक व्यक्ति मरकर नर्क में पहुंचा।

वहां उसने देखा कि प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी देश के नर्क में जाने की छूट है।

उसने सोचा – चलो अमेरिकी नर्क में जाकर देखें।
जब वह वहां पहुंचा तो द्वार पर पहरेदार से पूछा –
“क्यों भाई, अमेरिकी नर्क में क्या-क्या होता है?”

पहरेदार बोला –

  • सबसे पहले आपको एक इलेक्ट्रिक चेयर पर एक घंटा बैठाकर करंट दिया जाएगा।
  • फिर एक कीलों के बिस्तर पर आपको एक घंटे लिटाया जाएगा।
  • उसके बाद एक दैत्य आकर आपकी जख्मी पीठ पर पचास कोड़े बरसाएगा।

यह सुनकर व्यक्ति घबरा गया और रूस के नर्क चला गया। वहां भी पहरेदार ने वही बातें बताईं।
फिर वह एक-एक करके सभी देशों के नर्कों के दरवाजों पर गया, लेकिन हर जगह वही डरावनी सज़ा सुनाई गई।

आखिरकार, वह भारतीय नर्क पहुंचा।
वहां देखकर हैरान रह गया – दरवाज़े के बाहर लंबी लाइन लगी थी और लोग अंदर जाने को उतावले थे।

उसने सोचा – “यहां ज़रूर सज़ा कम मिलती होगी।”
उसने पहरेदार से पूछा –
“सज़ा क्या है?”

पहरेदार बोला –

  • इलेक्ट्रिक चेयर पर बैठाकर करंट देना,
  • कीलों के बिस्तर पर लिटाना,
  • और पचास कोड़े बरसाना।

व्यक्ति चकरा गया और बोला –
“यही सब तो बाकी देशों में भी है, फिर यहां इतनी भीड़ क्यों है?”

पहरेदार हंसकर बोला –

  • इलेक्ट्रिक चेयर तो वही है, लेकिन बिजली नहीं आती। ⚡
  • कीलों वाले बिस्तर की कीलें किसी ने निकालकर बेच दी हैं। 🔩
  • और कोड़े मारने वाला लेटरल एंट्री कर्मचारी है – आता है, दस्तखत करता है और चाय-नाश्ता करने चला जाता है। ☕
  • अगर गलती से जल्दी लौट भी आया, तो एक-दो कोड़े मारकर पचास लिख देता है। 😎
ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।
me.sumitji@gmail.com

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