Himachal Se: Gamle Mein Lagi Chiti Kaise Bhagaye: आजकल हर कोई घर पर पौधे लगाना पसंद करता है। बालकनी या छत पर छोटे ही नहीं बल्कि बड़ेबड़े गमलों में पौधे लगाए जाते हैं। इससे घर की खूबसूरती बढ़ती है और माहौल भी खुशनुमा बना रहता है। हालांकि पौधों की सही देखभाल नहीं करने पर कीड़े लगना या पौधों के सूखने की समस्या हो सकती है।

गमले के नीचे ढेर सारी चीटियों ने बना लिया है घर, इन 4 आसान तरीकों से दूर हो सकती है परेशानी​
गमले के नीचे ढेर सारी चीटियों ने बना लिया है घर, इन 4 आसान तरीकों से दूर हो सकती है परेशानी​

कई बार गमलों के नीचे चीटियां अपना घर बना लेती हैं, जिसकी वजह से पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। खासतौर पर बारिश और गर्मियों के समय गमलों की मिट्टी में नमी बढ़ने के कारण चीटियां तेजी से पनपने लगती हैं। शुरुआत में यह समस्या छोटी होती है लेकिन धीरेधीरे चीटियां पौधों को कमजोर करने लगती हैं। ऐसे में कुछ आसान घरेलू तरीकों का इस्तेमाल करके इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

नीम का पानी

नीम का इस्तेमाल करके आप गमले में लगी चीटियों को दूर कर सकते हैं। इसके लिए नीम की पत्तियों को करीब 10 मिनट तक पानी में उबाल लें। अब इसे ठंडा होने के बाद मिट्टी और पौधों की जड़ों के पास स्प्रे करें। नीम में मौजूद गुण फंगस, सफेद कीड़े और हानिकारक बैक्टीरिया को दूर करने में मदद कर सकते हैं। इस उपाय को आप रोजाना करीब एक हफ्ते तक कर सकते हैं। दिन में एक बार नीम का पानी स्प्रे करने से चीटियां और कीड़े दूर रहेंगे।

हल्दी

हल्दी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पौधों में लगने वाले कीड़ों को दूर रखते हैं। यह मिट्टी को संक्रमण से दूर रखने में मदद करती है। इसके लिए आप मिट्टी की ऊपरी परत पर हल्दी पाउडर छिड़क दें। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे पौधों की जड़ें मजबूत होंगी और मिट्टी की गुणवत्ता भी सुधरेगी।

लहसुन का पानी

अगर गमले की मिट्टी में कीड़े, फंगस और चीटियों को खत्म करना है तो लहसुन एक कारगर उपाय साबित हो सकता है। इसके लिए करीब 810 लहसुन की कलियां लें और उसे पीसकर पानी में करीब 56 घंटे के लिए छोड़ दें। अब इस पानी को छानकर किसी स्प्रे बोतल में भर लें। इस पानी को मिट्टी और पौधों पर स्प्रे करें। लहसुन की गंध से कीड़े और चीटियां दूर भागेंगी।

लकड़ी की राख

गमले की मिट्टी में लकड़ी की राख का इस्तेमाल करके नमी को नियंत्रित रखा जा सकता है। इसमें मौजूद पोटैशियम पौधों को बढ़ने में मदद करता है। राख डालने से चीटियां और छोटे कीड़े दूर रहते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि राख की मात्रा ज्यादा न हो वरना इससे पौधों को नुकसान हो सकता है।