Azam Khan Vigilance FIR: उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर है। राज्य हज समिति भूमि घोटाले में विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन अध्यक्ष, वरिष्ठ सपा नेता आजम खान पर एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही दो पूर्व सचिवों समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

आपको बता दें विजिलेंस जांच में 2.08 करोड़ रुपए की राजस्व क्षति का खुलासा किया था। जिसमें हज समिति की जमीन बेचने में गड़बड़ी का पूरा मामला सामने आया था।
जमीन बिक्री में नियम पालन न करने वालों का आरोप
आपको बता दें जमीन की बिक्री में नियमों का पालन नहीं करने का आरोप आजम खान पर है। साथ ही निजी फर्म को लाभ पहुंचाने का भी आरोप इन पर लगाए गए हैं। पूरा मामला ऐशबाग के कायमखेड़ा दुगांवा में हज समिति की करीब 60 हजार स्क्वायर फीट जमीन से जुड़ा है। यहां खसरा संख्या 117 में हज समिति की जमीन थी। जमीन बिक्री में अनियमितता की शिकायत विजिलेंस को मिली थी।
3 मई 2024 को दिए थे जांच के आदेश
आपको बता दें इस मामले में शासन के सतर्कता विभाग ने 3 मई 2024 को जांच के आदेश दिए थे। इस मामले में
दस्तावेजों और जमीन बिक्री की पूरी प्रक्रिया की जांच हुई। तत्कालीन अध्यक्ष आजम खान समेत दो सचिवों पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया। सथ ही आमिश डेवलपर्स के पक्ष में जमीन का बैनामा कराने का आरोप लगा। तत्कालीन सचिव लइक अहमद और डॉक्टर एमएए खान भी आरोपी बनाए गए। आमिश डेवलपर्स के प्रोपराइटर मोहम्मद अयूब और मुस्तकीम अहमद भी आरोपी हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।
2 करोड़ से ज्यादा का राजस्व नुकसान
आपको बता दें इस मामले में जमीन बिक्री से हज समिति को 2 करोड़ 8 लाख 95 हजार का नुकसान हुआ था। विजिलेंस ने 8 फरवरी को जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसके बाद शासन के आदेश पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार अधिनियम में केस दर्ज किया गया है। आपको बता दें विजिलेंस लखनऊ सेक्टर के इंस्पेक्टर ध्रुव चंद्र मौर्य ने एफआईआर दर्ज कराई है।



