भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग की तैयारी शुरू हो चुकी है. रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम शाखा ‘रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स’ नवरात्रि और दिवाली के त्यौहारी सीजन के दौरान अपना 4 बिलियन डॉलर का मेगा आईपीओ पेश करने की योजना बना रही है. सेबी से ड्राफ्ट पेपर्स को हरी झंडी मिलने के बाद कंपनी अगले कुछ हफ्तों में अंतिम तारीखें तय कर विदेशी और घरेलू निवेशकों के लिए रोड शो आयोजित करेगी. हुंडई इंडिया और एलआईसी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए दलाल स्ट्रीट पर कदम रखने जा रहा यह इश्यू न केवल प्राइमरी मार्केट में ऐतिहासिक तरलता लाएगा, बल्कि खुदरा व संस्थागत निवेशकों के लिए चालू वित्त वर्ष का सबसे बड़ा निवेश अवसर साबित होगा.

नवरात्रि से दिवाली के बीच

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की टेलीकॉम, डिजिटल और टेक्नोलॉजी कंपनी, जियो प्लेटफॉर्म्स अक्टूबर के आखिर या नवंबर की शुरुआत में अपना लगभग 4 अरब डॉलर का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग लॉन्च कर सकती है. यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा. संभावित डेडलाइन की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि पूरी संभावना है कि जियो अक्टूबर के आखिर में, खासकर नवरात्रि के शुभ दिनों के आसपास IPO लॉन्च करने की योजना बना रही है. अगर लॉन्च अक्टूबर के आखिर तक टल जाता है, तो यह नवंबर के पहले हफ्ते तक भी जा सकता है. अगर नवरात्रि में नहीं, तो कंपनी दिवाली पर IPO लाने का लक्ष्य रख सकती है. इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि जियो कुछ हफ्तों में सही तारीखें तय कर सकती है, जिसके बाद वह देश में रोड शो करने से पहले विदेशों में रोड शो शुरू करेगी. मामले की जानकारी रखने वाले तीन लोगों ने बताया कि कंपनी तीन हफ्ते के इंटरनेशनल और दो हफ्ते के घरेलू रोड शो की योजना बना रही है.

टॉप IPOs इश्यू साइज
जियो प्लेटफॉर्म्स* 37,600
एनएसई* 30,600
हुंडई मोटर्स 27,870
एलआईसी ऑफ इंडिया 20,557
वन 97 कॉम 18,300
टाटा कैपिटल 15,512
कोल इंडिया 15,199
यस बैंक 15,000
एलजी इंडिया 11,607

DRHP से जानकारी

अगर IPO नवरात्रि के समय आता है जो 11 अक्टूबर को शुरू होकर दशहरा को खत्म होती है तो रोड शो अगले हफ्ते ही शुरू हो सकते हैं. दिवाली 8 नवंबर को है, जबकि धनतेरस 6 नवंबर को है. कंपनी ने जून में IPO के ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे और उसे 28 अगस्त को सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया से शेयर बिक्री शुरू करने की मंज़ूरी मिल गई थी. बैंकर्स का अनुमान है कि जियो IPO से लगभग 37,800 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन सकता है.

उम्मीद है कि जियो IPO, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रस्तावित 31,000 करोड़ रुपए के IPO से बड़ा होगा. हुंडई मोटर इंडिया का 2024 में आया 27,000 करोड़ रुपए का IPO अब तक देश का सबसे बड़ा पूरा हुआ IPO है. ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, Jio Platforms 270 मिलियन तक नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है, जो इसके IPO के बाद की इक्विटी कैपिटल का लगभग 2.9 फीसदी होगा. प्रस्तावित IPO में ‘ऑफरफॉरसेल’ का हिस्सा शामिल नहीं है. यह ऑफर रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप का लगभग दो दशकों में पहला IPO होगा, इससे पहले 2006 में रिलायंस पेट्रोलियम की लिस्टिंग हुई थी.

कंपनी कहां खर्च करेगी पैसा?

IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा Jio Platforms की ऑपरेटिंग सब्सिडियरी, रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के 27,500 करोड़ रुपए तक के कर्ज को समय से पहले चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा. बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा. DRHP के अनुसार, Jio Platforms RJIL को उसके इक्विटी शेयर, कन्वर्टिबल या नॉनकन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर या डिबेंचर खरीदकर, या कर्ज के जरिए, या इन सबके कॉम्बिनेशन से फंड दे सकती है. बड़े निवेशकों के पास Jio Platforms की लगभग 30.9 फीसदी हिस्सेदारी है. मेटा प्लेटफॉर्म्स की सहयोगी कंपनी ‘जादू होल्डिंग्स’ के पास 9.98 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि गूगल इंटरनेशनल के पास 7.73 फीसदी हिस्सेदारी है. अन्य निवेशकों में सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड, सिल्वर लेक और विस्टा इक्विटी की सहयोगी कंपनियां, जनरल अटलांटिक, KKRसमर्थित कंपनियां और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के इन्वेस्टमेंट व्हीकल शामिल हैं.

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