Moradabad swine flu: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. शहर के एक स्थानीय MBBS डॉक्टर में तेज बुखार, सर्दीजुकाम और अत्यधिक कमजोरी के लक्षण दिखाई दिए थे. इसके बाद निजी पैथोलॉजी लैब में RTPCR जांच कराई गई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई. रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डॉक्टर का उपचार शुरू कर दिया गया है.

संक्रमित डॉक्टर को करीब तीन दिनों से तेज बुखार, सर्दीजुकाम और शरीर में काफी कमजोरी महसूस हो रही थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लक्षणों को देखते हुए उन्होंने RTPCR जांच कराई. रिपोर्ट में H1N1 संक्रमण की पुष्टि होने के बाद चिकित्सकीय निगरानी में इलाज शुरू किया गया.
डॉक्टरों के अनुसार स्वाइन फ्लू के मामलों में शुरुआती समय में उपचार शुरू करना महत्वपूर्ण होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर को एंटीवायरल दवा दी जा रही है.
मातापिता को भी दी गई एंटीवायरल दवा
संक्रमित डॉक्टर के परिवार को संक्रमण से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम उठाए हैं. डॉक्टर के मातापिता को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटीवायरल दवा ‘टेमीफ्लू’ दी गई है. पूरे परिवार को फिलहाल होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है, ताकि संक्रमण के संभावित प्रसार को रोका जा सके. स्वास्थ्य विभाग संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों और परिवार के सदस्यों की स्थिति पर भी नजर रख रहा है.
यात्रा इतिहास नहीं, स्थानीय संक्रमण की आशंका
स्वास्थ्य विभाग के सामने फिलहाल संक्रमण के स्रोत का पता लगाना चुनौती बना हुआ है. बताया गया है कि संक्रमित डॉक्टर ने हाल ही में कोई यात्रा नहीं की थी. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि उन्हें स्थानीय स्तर पर किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से संक्रमण हुआ हो सकता है. हालांकि, संक्रमण का वास्तविक स्रोत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
जिला अस्पताल में 15 बेड आरक्षित
पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को सतर्क कर दिया है. शासन की ओर से जारी दिशानिर्देशों के तहत जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू और गंभीर श्वसन संक्रमण से जुड़े संदिग्ध मरीजों के लिए कुल 15 बेड आरक्षित किए गए हैं.
इनमें तीन बेड इमरजेंसी वार्ड, दो बेड SARI वार्ड और 10 बेड आपदा प्रबंधन वार्ड में तैयार रखे गए हैं. अधिकारियों के अनुसार सांस लेने में तकलीफ या तेज बुखार जैसे लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों की आवश्यकता के अनुसार जांच कराई जाएगी. गंभीर मरीजों को तत्काल आरक्षित वार्ड में भर्ती कर निगरानी में रखा जाएगा.
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षणों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है. तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है.
संक्रमण से बचने के लिए बरतें सावधानी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचना चाहिए और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए. खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें. हाथों को साबुन और पानी से नियमित रूप से साफ करें और बिना हाथ धोए आंख, नाक या मुंह को न छुएं.
संक्रमित व्यक्ति के साथ निजी सामान साझा करने से भी बचना चाहिए. लक्षण दिखने पर खुद से दवा या एंटीबायोटिक लेने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है. प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.



