सोमवार, 24 अगस्त को शेयर बाजार में आईडीबीआई बैंक के शेयरों ने अचानक रफ्तार पकड़ ली. शुरुआती कारोबार में ही शेयर 10.53 प्रतिशत की शानदार तेजी के साथ 90.90 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंच गए. हालांकि बाजार बंद होने के समय थोड़ी गिरावट के साथ 88.50 रुपये पर ट्रेड करते दिखे. इतनी बड़ी तेजी के पीछे सिर्फ एक दिन का ट्रेंड नहीं, बल्कि एक बड़ी डील की उम्मीद है. दरअसल बाजार में खबर है कि लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन और भारत सरकार जल्द ही बैंक में अपनी बड़ी हिस्सेदारी बेच सकते हैं.

विदेशी कंपनी के साथ बड़ी डील की तैयारी
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल के एक संशोधित प्रस्ताव को मंजूर करने के काफी करीब है. ये वही कंपनी है जो आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी खरीदने के लिए लंबे समय से रेस में है. रॉयटर्स की रिपोर्ट बताती है कि ये सौदा 5 अरब डॉलर से ज्यादा का हो सकता है. अगर ये डील सफल होती है, तो ये किसी भी भारतीय बैंक में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा. बता दें कि जून 2026 तक आईडीबीआई बैंक में LIC की 49.24 प्रतिशत व भारत सरकार की 45.48 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि बाकी 5.29 प्रतिशत हिस्सा आम पब्लिक के पास है.
नियम बन सकते हैं डील में रोड़ा
इस बड़ी डील के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के कड़े नियम एक बड़ी चुनौती खड़ी कर रहे हैं. नियमों के अनुसार, कोई भी एक कंपनी दो अलगअलग भारतीय बैंकों का मालिकाना हक नहीं रख सकती. फेयरफैक्स के पास पहले से ही सीएसबी बैंक की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है. ऐसे में अगर आईडीबीआई बैंक के साथ डील फाइनल होती है, तो फेयरफैक्स को अपनी हिस्सेदारी बेचनी पड़ेगी या फिर दोनों बैंकों का आपस में विलय करना होगा. हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि कंपनी को इस पूरी प्रक्रिया को सुलझाने के लिए दो साल तक का समय मिल सकता है.
पुराने प्रयास रहे नाकाम
विनिवेश की ये कोशिश कोई नई नहीं है. सरकार ने सबसे पहले साल 2016 में आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया था. हालांकि उस समय सही वैल्यूएशन न मिल पाने के कारण ये योजना सिरे नहीं चढ़ पाई. इसके बाद साल 2020 में LIC ने भी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटाकर मौजूदा स्तर पर कर दी थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अब एक बार फिर विनिवेश की सुगबुगाहट ने बाजार का पारा चढ़ा दिया है. सोमवार को बाजार में भारी उछाल दिखा, जहां बीएसई व एनएसई दोनों को मिलाकर एक ही दिन में 7.2 करोड़ से ज्यादा शेयरों का ट्रेड हुआ. 14 जुलाई 2026 को जारी एक बयान में बैंक ने कहा था कि उन्हें सरकार की तरफ से विनिवेश प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. बैंक ने शेयर बाजारों को साफ बताया है कि इन वार्ताओं में उनकी कोई भी भूमिका नहीं है.
कैसा रहा शेयर का पुराना प्रदर्शन
आईडीबीआई बैंक के शेयरों ने लंबी अवधि के निवेशकों को शानदार मुनाफा दिया है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच सालों में इस शेयर ने 140 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है. वहीं तीन साल में निवेशकों को 45 प्रतिशत से ज्यादा का फायदा हुआ है. हालांकि पिछले एक साल में शेयर ने 6 प्रतिशत का नुकसान भी झेला है. 5 जनवरी 2026 को इस शेयर ने 118.38 रुपये का अपना 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर छुआ था. 24 अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी का मार्केट कैप 94,341 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.



