UP Pan Masala Tax Evasion: उत्तर प्रदेश में पान मसाला, जर्दा और गुटखा के अवैध कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जीएसटी खुफिया महानिदेशालय की लखनऊ क्षेत्रीय इकाई ने चित्रकूट और बांदा में कई ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 185 करोड़ रुपये की करउपकर चोरी पकड़ी है। मामले में एक कारोबारी को गिरफ्तार किया गया है।

डीजीजीआई की टीम ने 18 अगस्त की आधी रात छह परिसरों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 27 अघोषित पाउच पैकिंग मशीनें जब्त की गईं। इनमें सुगंधित जर्दा की छह, पान मसाला की नौ और दोहरा व देसी गुटखा बनाने की 12 मशीनें शामिल हैं। जांच में सामने आया कि दोनों फर्मों में एक जगह उत्पादन और दूसरी जगह व्यापारिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

लाखों पाउच और भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद

छापेमारी के दौरान करीब 15.5 लाख तैयार पाउच बरामद किए गए। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके अलावा 32.9 टन सुपारी, 2.8 टन तंबाकू, 8.4 टन पैकिंग सामग्री, 470 किलो कत्था पाउडर, 850 किलो ग्लिसरीन, 545 किलो एसेंस और 256 किलो बिना पैक किया हुआ पान मसाला मिला। जांच टीम को मिश्रण तैयार करने, सुपारी क्रश करने और उसे सुखाने वाली मशीनें भी मिलीं। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद सामग्री और मशीनों से बड़े पैमाने पर अवैध उत्पादन किए जाने के संकेत मिले हैं।

ये भी पढ़ें :

बिना टैक्स चुकाए बाजार में भेजा जा रहा था माल

डीजीजीआई की जांच में आरोप है कि तैयार माल को जीएसटी, एचएसएनएस उपकर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क का भुगतान किए बिना बाजार में भेजा जा रहा था। इसी आधार पर करीब 185 करोड़ रुपये की करउपकर चोरी का आकलन किया गया है।

निर्माण फर्म के मालिक को 19 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, एक फरवरी 2026 से पान मसाला और तंबाकू क्षेत्र में क्षमता आधारित उपकर व्यवस्था लागू है। डीजीजीआई के मुताबिक, देशभर में ऐसे 27 मामलों में अब तक करीब 668 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई है और 17 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

ये भी पढ़ें :