Himachal Se: Kl rahul gets Life Line against Afghanistan: मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, लेकिन शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने नई गेंद से शानदार अनुशासन दिखाते हुए भारतीय सलामी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। शुरुआती ओवरों में रन बनाना आसान नहीं था और दोनों ओपनर्स को काफी सतर्कता के साथ बल्लेबाजी करनी पड़ी।

अफगानिस्तान की कसी हुई गेंदबाजी के बीच भारत को शुरुआती झटका पहले ही लग सकता था। पारी के छठे ओवर में यशस्वी जायसवाल के बल्ले का किनारा लगा, लेकिन गेंद गली क्षेत्र में खड़े फील्डर तक नहीं पहुंच सकी। इस तरह उन्हें जीवनदान मिला। हालांकि इस मौके का वह ज्यादा फायदा नहीं उठा सके और बाद में अपनी पारी को बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहे। अफगानी गेंदबाज लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते रहे, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बना रहा। इसी कारण पहले घंटे में भारत की रन गति भी अपेक्षाकृत धीमी दिखाई दी।
केएल राहुल को मिला बड़ा जीवनदान
भारतीय पारी के 11वें ओवर में एक ऐसा पल आया, जिसने मैच का रुख बदल सकता था। ओवर की पहली ही गेंद पर केएल राहुल के बल्ले का बाहरी किनारा लगा और गेंद सीधे विकेटकीपर के दस्तानों में चली गई। अफगानिस्तान के खिलाड़ियों ने जोरदार अपील की, लेकिन अंपायर ने राहुल को नॉट आउट करार दिया। हैरानी की बात यह रही कि अफगान टीम ने डीआरएस लेने का फैसला नहीं किया। बाद में रिप्ले में साफ नजर आया कि गेंद बल्ले से लगकर विकेटकीपर तक पहुंची थी। उस समय राहुल 16 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे और भारत का स्कोर 37 रन था।
मोहम्मद सलीम ने दिलाई पहली सफलता
लगातार दबाव बनाने के बाद अफगानिस्तान को आखिरकार 12वें ओवर में सफलता मिली। तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम ने यशस्वी जायसवाल को विकेटकीपर अफसर जजाई के हाथों कैच कराकर भारत को पहला झटका दिया। जायसवाल 24 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनके आउट होने तक भारतीय टीम का स्कोर 41 रन था। हालांकि शुरुआती झटके के बाद केएल राहुल और अन्य बल्लेबाजों ने स्थिति संभालने की कोशिश की। पहले सत्र के अंत तक भारत ने एक विकेट के नुकसान पर 96 रन बना लिए थे और टीम मजबूत स्थिति की ओर बढ़ती नजर आई।



