Himachal Se: Chakla Belan Vastu: रसोई किसी भी घर का सबसे प्रमुख और पवित्र स्थान होता है क्योंकि यहां मां अन्नपूर्णा का वास होता है और यहीं से घर की सुखसमृद्धि में भी वृद्धि होती है। वास्तु अनुसार रसोई में रखी गई हर एक छोटीबड़ी चीज का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। फिर चाहे वो चीज चकलाबेलन ही क्यों न हो। क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में चकलाबेलन से जुड़े भी कुछ खास नियम बताए गए हैं। अगर आप इन नियमों का पालन नहीं करते हैं तो जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। चलिए जानते हैं ये कौन से नियम हैं।

चकलाबेलन से जुड़े जरूरी नियम
- कई घरों में लोग रोटी बनाने के बाद चकलाबेलन को सिंक में या फिर स्लैब पर गंदा छोड़ देते हैं। वास्तु के अनुसार ऐसा करने से दोष लगता है। आप जब भी रोटी बनाएं तो उसके बाद चकलाबेलन को धोकर सुखाने के लिए रख दें। इसे गंदा बिल्कुल भी न छोड़ें क्योंकि इससे राहुकेतु का प्रकोप झेलना पड़ सकता है। जिससे घरपरिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है।
- इस बात का भी ध्यान रखें कि चकले को हमेशा खड़ा करके ही रखना चाहिए, स्लैब पर लेटाकर नहीं। वहीं बेलन को भी खड़ा करके ही रखना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।
- वास्तु अनुसार रोटी बेलते समय चकले से आवाज आना अशुभ माना जाता है। कहते हैं इससे आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर आपके चकले से भी आवाज आती है तो उसके नीचे टिशू पेपर या कोई कपड़ा रखकर रोटी बनानी चाहिए।
- इस बात पर भी ध्यान दें कि कहीं से टूटा या दरार आया हुआ चकलाबेलन भी भूलकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कहते हैं इससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है और घरपरिवार का माहौल भी डिस्टर्ब रहता है।



