Himachal Se: Nagpur Vidarbha Cricket News: नागपुर विदर्भ क्रिकेट के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। नागपुर के युवा लेफ्ट आर्म स्पिनर और ऑलराउंडर हर्ष दुबे को पहली बार भारतीय टेस्ट और वनडे टीम में जगह मिली है। हर्ष जून में अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली एकमात्र टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। बीसीसीआई ने चयनकर्ताओं की बैठक के बाद टीम की घोषणा की, जिसमें अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है। दाभा निवासी हर्ष लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींच रहे थे।

202425 रणजी ट्रॉफी सीजन में उन्होंने इतिहास रचते हुए एक सत्र में सर्वाधिक 69 विकेट हासिल किए। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर विदर्भरणजी चैम्पियन बना और हर्ष को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। गेंदबाजी के साथ उन्होंने बल्ले से भी 476 रन बनाए, जिसमें पांच अर्धशतक शामिल थे।
हर्ष के फेवरेट क्रिकेटर भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वे जडेजा की शैली और जुझारूपन को अपना आदर्श मानते हैं। संयोग से जिस सीरीज में जडेजा को आराम दिया गया है, उसी में हर्ष को मौका मिला है। विदर्भ के लिए 2021 में लिस्टए और 2022 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू करने वाले हर्ष के नाम 9 बार पांच विकेट और 2 बार मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा दर्ज है। आईपीएल में भी हर्ष ने अपनी छाप छोड़ी, सनराइजर्स हैदराबाद ने 2025 में उन्हें टीम से जोड़ा था। अब तक खेले 11 आईपीएल मुकाबलों में उन्होंने 13 विकेट हासिल किए हैं।
विश्वास ही नहीं कर पा रहा हूं: हर्ष
इंडिया टीम में चुने जाने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए हर्ष ने कहा कि मेरे लिए यह विश्वास कर पाना आसान नहीं हो रहा है। मैं अभ्यास सत्र समाप्त करने के बाद जब ड्रेसिंग रूम में आया तब किसी ने मुझे यह जानकारी दी कि मेरा चयन हुआ है।
यह पल मेरे क्रिकेट करियर के सबसे बेहतरीन अनुभवों में शामिल हो गया, मैं अपनी खुशी का इजहार शब्दों में नहीं बता सकता, घर में सभी खुश है और अभी तक की मेरे सफर में उन सभी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझे सहयोग दिया है।
में खेलने को लेकर उत्साहित हर्ष ने कहा कि अभी में इसके बारे में नहीं सोच रहा हूं। मैं फिलहाल आईपीएल पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूँ। सनराइजर्स हैदराबाद की टीम लगातार अच्छा कर रही है और मेरा लक्ष्य टीम को खिताबी जीत दिलाने में अहम योगदान देने की लेकर है, हर्ष ने अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय अपने मातापिता को दिया।
रात ढाई बजे उठकर करता था प्रैक्टिस : सुरेंद्र दुबे
हर्ष की सफलता के पीछे उनके पिता सुरेद दुबे का सधर्ष और समर्पण भी जुड़ा है। नवभारत से बातचीत में सुरेंद्र दुबे ने भावुक होकर बताया, ‘हमारे समय में खेल को लेकर सुविधाएं नहीं थीं। आर्थिक स्थिति भी कमजोर भी। मेरा सपना क्रिकेटर बनने का था, जो पूरा नहीं हो सका।
अब वही सपना मेरा बेटा पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि हर्ष बचपन से ही क्रिकेट के प्रति जुनूनी था।
‘रात के ढाई बजे उठकर बैट और बॉल लेकर कैच प्रैक्टिस करता था। तभी समझ गया था कि इस बच्चे में कुछ खास है।” सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने कभी हिम्मत नहीं हारी। पित्ता दुबे कहते हैं, ‘क्रिकेट बहुत साखचर्चीला खेल है। बल्ले टूटते थे, सामान बदलना पड़ता था।
लेकिन हमने अपने बेटे का सपना नहीं टूटने दिया। हर्ष की मां ज्योति दुबे को भी उन्होंने सबसे बड़ा मोटिवेशन बताया, उन्होंने कहा, ‘हमेशा उसे यही सिखाया कि जमीन से जुड़े रही और अपने खेल के प्रति ईमानदार रहो, जब भारतीय टीम में चयन की खबर मिली तो वै भावुक हो उठे। ‘विश्वास ही नहीं हुआ।
आखों में आसू आ गए, रौंगटे खड़े हो गए, यह सिर्फ हर्ष की नहीं, पूरे परिवार की मेहनत का फल है। उन्होंने नागपुर क्रिकेट एकेडमी और डायरेक्टर माधव बाकरे के योगदान को भी के कैरियर को आगे बढ़ाने के लिए याद किया, आज सुरेंद्र दुबे सीआईएसएफ से वॉलटरी रिटायरमेंट लेकर बच्ची की क्रिकेट सिखा रहे हैं, उनका कहना है, ‘जैसे मैने हर्ष को सिखाया, वैसे ही और बच्चों को आगे बढ़ाना चाहता हूं।
नवभारत लाइव के लिए नागपुर से जयदीप रघुवंशी की रिपोर्ट



