विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को हाल के समय में सबसे बड़े स्वैच्छिक वापसी और यात्रा प्रबंधन अभियानों में से एक पर प्रकाश डाला, क्योंकि भारत खाड़ी देशों में रहने वाले अपने 1 करोड़ से ज़्यादा लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।
पश्चिम एशिया में बदलती सुरक्षा स्थिति पर एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग में MEA ने घोषणा की कि 28 फरवरी, 2026 से अब तक इस क्षेत्र से 11,61,000 से ज़्यादा यात्री भारत आ चुके हैं। विभिन्न मंत्रालयों के बीच हुई एक ब्रीफिंग के दौरान, अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन द्वारा दी गई इस जानकारी में, इराक में फंसे 12 भारतीय नाविकों की सफल वापसी पर भी प्रकाश डाला गया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इराक के हवाई क्षेत्र के रणनीतिक रूप से फिर से खुलने के बाद, यह समूह कल मुंबई पहुँचा। बगदाद में भारतीय दूतावास ने उनके दस्तावेज़ीकरण और आवागमन में मदद की, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि वे संघर्ष-ग्रस्त क्षेत्र से सुरक्षित रूप से बाहर निकल सकें।

इधर ट्रंप अड़े उधर ईरान, फिर होगा घमासान! Trump की धमकी के जवाब में Iran की घु़ड़की, फिर मँडराया युद्ध का खतरा

महाजन ने बताया, इराक में फँसे 12 भारतीय नाविक कल इराक का हवाई क्षेत्र खुलने के बाद मुंबई पहुँचे। बगदाद में हमारे मिशन ने उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की और भारत लौटने में उनकी मदद की। महाजन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नाविकों का कल्याण “उच्च प्राथमिकता” बना हुआ है, और भारतीय मिशन स्थानीय बंदरगाह अधिकारियों तथा समुद्री एजेंसियों के साथ चौबीसों घंटे समन्वय कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम इस क्षेत्र में भारतीय नाविकों के कल्याण को उच्च प्राथमिकता देते हैं। हमारे मिशन उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिसमें स्थानीय अधिकारियों और एजेंसियों के साथ समन्वय, कांसुलर सहायता प्रदान करना और भारत लौटने के अनुरोधों में मदद करना शामिल है।