पाकिस्तान की नैया डूबाने के लिए भारत ने निकाल लिया है शेषनाग और पाकिस्तान बॉर्डर के ठीक पास जब यह शेषनाग मंडराता दिखा तो इस्लामाबाद और कराची की धरती हिलने लगी। बेचैनी बढ़ गई। कहावत है कि जब नाग फन फैलाता है तो सामने वाले के होश उड़ जाते हैं। वो बिल्कुल बौखला जाता है और इस बार भारत का यह शेषनाग कोई कहानी नहीं बल्कि एक ऐसा आधुनिक हथियार है जो दुश्मन के इलाके में घुसकर घंटों मंडराएगा और फिर सटीक वार करके खुद को ही खत्म कर देगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इसकी रेंज में पूरा पाकिस्तान आता है। बता दें कि राजस्थान के पोखरण की रेत में सफल परीक्षण भी हो चुका है और अब सवाल यही है कि क्या शेषनाग 150 वाकई इतना खतरनाक है? क्या यह भारत के लिए गेम चेंजर साबित होगा?

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बता दें कि यह कोई साधारण ड्रोन नहीं है। यह एक लोटरिंग म्यूशन है। यानी देखो, इंतजार करो और सही समय पर खत्म कर दो। इसे तैयार किया है बेंगलुरु के स्टार्टअप न्यू स्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी ने और इसका मकसद आपको बता दें कि इसका मकसद एकदम साफ है कि दुश्मन के इलाके में गहराई तक घुसना है और लंबे समय तक हवा में रहना है और फिर सही मौके पर सटीक हमला कर देना है। राजस्थान के पोखरण टेस्ट रेंज में इसके टेस्ट के दौरान बता दें कि ड्रोन ने तय रूट्स फॉलो किए। करीब 720 कि.मी. की दूरी तय भी की और लगभग बता दें कि 5 घंटे तक यह हवा में भी रहा और अंत में अपने लक्ष्य पर सटीक हमला भी इसने किया। इसकी अधिकतम रेंज बता दें कि 1000 कि.मी. तक बताई जा रही है। और सबसे बड़ा सवाल। क्या सच में इसके रेंज में पूरा पाकिस्तान है? सीधा जवाब है काफी हद तक। हां, इसकी रेंज का मतलब यह है कि सीमा से उड़ान भरकर यह ड्रोन पाकिस्तान के बड़े शहरों तक पहुंच सकता है। लेकिन यहां पर असली बात यह है कि यह हमला नहीं डिट्रेस है। यानी कि दुश्मन को पता है कि आपके पास ऐसी ताकत है जो कहीं भी पहुंच सकती है। 

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ईरान के चर्चित ड्रोन शहीद 136 से इसकी तुलना भी इस वक्त बता दें कि जमकर की जा रही है सोशल मीडिया पर। जिसने हाल के संघर्षों में दिखाया कि सस्ते ड्रोन भी युद्ध का रुख एकदम बदल सकते हैं। लेकिन भारत का जो शेषनाग 150 है यह भारतीय जरूरतों के हिसाब से एकदम तैयार किया गया है। इसकी ताकत एक नए तौर पर उभरी है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। रेंज इसकी 1000 कि.मी. तक है। एंडोरेंस 5 घंटे वॉर हेड 25 किलो सटीकता 10 मीटर से कम। यानी यह सिर्फ डराने के लिए नहीं सीधा टारगेट खत्म करने के लिए बनाया गया है। यह किन टारगेट्स पर हमला कर सकता है आप उसे भी जान लीजिए। रडार सिस्टम, हथियार डिपो, कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम और अगर दुश्मन जीपीएस जाम कर दे तब भी यह ड्रोन अपने ऑनबोर्ड सेंसर से मिशन पूरा कर सकता है। और इसे देखते हुए एक कहावत याद आती है कि जिसके पास तकनीक की ताकत हो उसके सामने दुश्मन की हर चाल कमजोर पड़ जाती है।