Sunday, March 29, 2026
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अभी अभीः लड़ाकू विमानों के साथ 3500 सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंचे, ईरान में अब जमीनी ऑपरेशन!..

अभी अभीः लड़ाकू विमानों के साथ 3500 सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंचे, ईरान में अब जमीनी ऑपरेशन!..
अभी अभीः लड़ाकू विमानों के साथ 3500 सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंचे, ईरान में अब जमीनी ऑपरेशन!..

वॉशिंगटन। अमेरिका के 3500 एक्स्ट्रा सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंचे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार ये सैनिक USS त्रिपोली जहाज के जरिए आए हैं। ये सैनिक 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं। उनके साथ बड़े पैमाने पर लड़ाकू विमान और हथियार भी भेजे गए हैं।

वहीं, अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने कुछ अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिका ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले जमीनी ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन बड़े पैमाने पर नहीं होगा। इसमें स्पेशल फोर्स के छापे और पैदल सैनिकों (इन्फैंट्री) की कार्रवाई शामिल हो सकती है। हालांकि, इसे लेकर ट्रम्प प्रशासन ने अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

दूसरी ओर ईरान के अंग्रेजी अखबार तेहरान टाइम्स ने शनिवार को अमेरिकी सैनिकों की तैनाती को लेकर कहा है कि ये सैनिक ईरान की जमीन से ताबूत में वापस लौटेंगे। अखबार ने अपने फ्रंट पेज पर लिखा- नरक में आपका स्वागत है।अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि सैनिक USS त्रिपोली जहाज के जरिए मिडिल ईस्ट पहुंचे हैं।

पाकिस्तान में कल 3 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक

पाकिस्तान में कल तुर्किये, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। यहां वे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगे। इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक में मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा होगी।

पाकिस्तान में क्यों हो रही मीटिंग…

पाकिस्तान के ईरान और सऊदी अरब दोनों से बेहतर रिश्ते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसलिए पाकिस्तान को विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए बेहतर जगह माना जा रहा है। यह मीटिंग पहले तुर्किये में होनी थी, लेकिन बाद में इसे पाकिस्तान शिफ्ट कर दिया गया।

पाकिस्तान इस समय किसी एक पक्ष में सीधे शामिल नहीं है, इसलिए उसे न्यूट्रल जगह माना जा रहा है। उसके ईरान और सऊदी अरब दोनों से अच्छे रिश्ते हैं, इसलिए बातचीत आसान है। तुर्किये और मिस्र जैसे देशों के साथ भी पाकिस्तान के संबंध ठीक हैं।

कुवैत ने चार ड्रोन मार गिराए
कुवैत की नेशनल गार्ड ने बताया कि उसके जवानों ने चार ड्रोन को मार गिराया है। हाल के घंटों में यह दूसरी बार है जब कुवैत में सायरन बजाए गए, जिससे खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया। सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। फिलहाल किसी नुकसान या हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है।

ईरान की राजधानी तेहरान में कई धमाकों हुए
ईरान की राजधानी तेहरान में कई धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबर सामने आई है। यह जानकारी ईरानी न्यूज एजेंसी फार्स ने दी है। एजेंसी के अनुसार, राजधानी में कई जगह विस्फोट हुए हैं।

एएफपी न्यूज एजेंसी ने बताया कि सुबह करीब 7:20 बजे उत्तरी तेहरान में दो जोरदार धमाके हुए। इस दौरान एयर डिफेंस सिस्टम भी सक्रिय हो गया था। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि इन धमाकों में किस जगह को निशाना बनाया गया।

हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर दूसरा बड़ा हमला किया
यमन के हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन से दूसरा बड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा है कि जब तक इजराइल अपनी कार्रवाई नहीं रोकता, तब तक हमले जारी रहेंगे।

शनिवार को जारी बयान में हूती समूह ने बताया कि उसने दक्षिणी इजराइल के अहम ठिकानों को क्रूज मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। यह एक ही दिन में उनका दूसरा हमला है। हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सरीआ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि ये हमले ईरान और हिजबुल्लाह के साथ मिलकर किए गए।

ईरान ने रिहायशी इलाके पर हमले का वीडियो जारी किया
ईरानी सरकारी मीडिया ने रिहायशी इलाके पर हुए हमले का वीडियो जारी किया है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। घटनास्थल पर मौजूद एक रिपोर्टर ने बताया कि इस हमले में किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन करीब 9 लोग घायल हुए हैं।

रिपोर्टर के मुताबिक, इस हमले में 20 से ज्यादा अपार्टमेंट को नुकसान पहुंचा है। यह वीडियो रविवार तड़के फार्स न्यूज और मेहर न्यूज के टेलीग्राम चैनलों पर शेयर किया गया।

लेबनान में 22 साल के इजराइली सैनिक की मौत
इजराइली सेना (IDF) ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में चल रही लड़ाई के दौरान एक सैनिक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।

मारे गए सैनिक की पहचान 22 साल के सार्जेंट मोशे यित्जहाक हाकोहेन काट्ज के रूप में हुई है। वह पैराट्रूपर्स ब्रिगेड की 890वीं बटालियन में तैनात थे और अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य के न्यू हेवन के रहने वाले थे। घायल हुए तीनों सैनिकों की हालत सामान्य है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

ट्रम्प के खिलाफ नो किंग्स रैली, 80 लाख लोग शामिल हुए
अमेरिका में शनिवार को राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ हुए नो किंग्स रैली में 80 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। प्रेस रिलीज के मुताबिक, पूरे अमेरिका के सभी 50 राज्यों में 3,300 से ज्यादा जगहों पर ये प्रदर्शन आयोजित किए गए।

आयोजकों ने बताया कि अक्टूबर में हुए पिछले नो किंग्स प्रदर्शनों की तुलना में इस बार करीब 10 लाख ज्यादा लोग शामिल हुए और लगभग 600 ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रदर्शनों में लोगों ने ट्रम्प के नेतृत्व को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

me.sumitji@gmail.com

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