Sunday, March 29, 2026
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वहां न स्वर्ग है, न नर्क… दो बार मरकर वापस आई महिला ने किया ऐसा खुलासा; सुनकर कांप जाएगी आपकी रूह!..

वहां न स्वर्ग है, न नर्क… दो बार मरकर वापस आई महिला ने किया ऐसा खुलासा; सुनकर कांप जाएगी आपकी रूह!..
वहां न स्वर्ग है, न नर्क… दो बार मरकर वापस आई महिला ने किया ऐसा खुलासा; सुनकर कांप जाएगी आपकी रूह!..

अक्सर हम फिल्मों में देखते हैं कि हीरो मरकर वापस आ जाता है, लेकिन असल जिंदगी में ऐसा सुनना किसी चमत्कार या डरावनी फिल्म के सीन जैसा लगता है. अगर आप सोचते हैं कि मौत के बाद का रास्ता एकतरफा है, तो 64 साल की पैगी रॉबिन्सन का दावा आपकी सोच बदल देगा. पैगी का कहना है कि वह एक नहीं, बल्कि दो बार मौत के मुंह से लौटकर आई हैं. सोशल मीडिया पर उनके दावों ने तहलका मचा दिया है, क्योंकि उन्होंने न सिर्फ मरने के बाद का मंजर बताया, बल्कि यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने बच्चों की खातिर साक्षात भगवान से जिद की और उन्हें धरती पर वापस आने के लिए राजी कर लिया.

दूसरी ‘मौत’ में क्या हुआ?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पैगी का कहना है कि पहली बार उनकी मौत तब हुई थी जब वह केवल 5 साल की थीं, लेकिन वे फिर जिंदा हो गईं. दूसरा अनुभव और भी चौंकाने वाला था. 25 साल की उम्र में एक जटिल गर्भावस्था के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि उनकी आत्मा शरीर छोड़कर अंतरिक्ष में उड़ रही है. उन्होंने दावा किया कि उनकी आत्मा आकाशगंगाओं से गुजरते हुए एक चमकदार सफेद कमरे में पहुंची, जहां वे सीधे भगवान के सामने खड़ी थीं.

क्या भगवान से हुई थी बहस?
पैगी रॉबिन्सन के मुताबिक, भगवान ने उनसे कहा कि अब उनका समय पूरा हो गया है, लेकिन उन्होंने जाने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वे अपने बच्चों को बिना मां के नहीं छोड़ सकतीं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पैगी के अनुसार, उन्होंने भगवान से जिद की कि वे उन्हें वापस भेजें. इसके बाद भगवान ने उन्हें उनके बच्चों का भविष्य दिखाया, जिसमें कुछ दर्दनाक पल भी थे. यह देखकर वे भावुक हो गईं और भगवान के सामने रोते हुए अपने बच्चों के लिए जीने की इच्छा जताई.

कैसे वापस आई जिंदगी?
महिला के अनुसार, भगवान से बातचीत के बाद उनकी आत्मा अचानक शरीर में लौट आई और वे अस्पताल के बेड पर जाग उठीं. उस समय वे जुड़वां बच्चों की मां बनी थीं, लेकिन अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी हालत बेहद गंभीर थी. डॉक्टरों ने भी उम्मीद छोड़ दी थी और परिवार को आखिरी बार बुला लिया गया था. हालांकि चमत्कारिक रूप से पैगी की जान बच गई, लेकिन उन्होंने अपने दोनों बच्चों को खो दिया. पैगी का मानना है कि यह अनुभव सिखाता है कि इंसान कभी भी सच में अकेला नहीं होता.

me.sumitji@gmail.com

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