Saturday, March 28, 2026
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जिस पड़ोसी देश ने ट्रंप के फाइटर जेट को लैंड करने नहीं दिया था, वहां दनादन तेल भेज रहा भारत

जिस पड़ोसी देश ने ट्रंप के फाइटर जेट को लैंड करने नहीं दिया था, वहां दनादन तेल भेज रहा भारत
दुनियाभर में अपनी दादागिरी दिखा रहे अमेरिका को भारत के एक पड़ोसी देश ने बीते दिनों आईना दिखाया था। इस खबर ने खूब सुर्खियां बटोरी थी जिसकी जानकारी खुद श्रीलंका के राष्ट्रपति ने अपनी संसद को दी थी।   राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने बताया था कि दो अमेरिकी युद्धक विमानों को मट्टाला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अब भारत से जुड़ी खबर सामने आ रही है। मुश्किल की घड़ी में जो साथ दे वही सच्चा दोस्त होता है और भारत अपने अच्छे पड़ोसी देशों के लिए हमेशा मदद करने के लिए आगे रहता है और ठीक ऐसा ही भारत ने एक बार फिर अपने मित्र पड़ोसी देश श्रीलंका की मदद के लिए किया है। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है। तेल सप्लाई पर भारी दबाव है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और कई देशों में ईंधन का संकट गहराता जा रहा है। ऐसे मुश्किल वक्त में भारत ने एक बार फिर अपने पड़ोसी देश श्रीलंका के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। दरअसल ताजा खबर सामने आई है। जहां भारत ने बड़ी राहत श्रीलंका को भेजी है। भारत की ओर से 38,000 मेट्रिक टन ईंधन की एक बड़ी खेप श्रीलंका के लिए रवाना की गई है जो कि 28 मार्च को कोलंबो हारबर पहुंचेगी। इस खेत में 20,000 मीट्रिक टन डीजल और 18,000 मीट्रिक टन पेट्रोल शामिल है। 

सूत्रों के अनुसार यह मदद सीधे तौर पर श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुराग कुमारा देशनायके और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत के बाद संभव हो पाई है। जहां दोनों नेताओं के बीच 24 मार्च को फोन पर चर्चा हुई थी। जिसके बाद भारत ने तुरंत कारवाई करते हुए यह आपूर्ति सुनिश्चित की है। यह पूरा ईंधन टैंकर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की श्रीलंका में मौजूद इकाई लंका आईओसी के जरिए कोलंबो पोर्ट तक पहुंचाया जाएगा। इस मदद को श्रीलंका की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। दरअसल पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह से प्रभावित किया है। खासतौर पर स्ट्रीट ऑफ हॉर्मोंस को लेकर जो तनाव खड़ा हुआ है उसने संकट को और गहरा कर दिया है। जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। वहां हालात बेहद तनावपूर्ण है। इस वजह से कई जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। जिससे तेल सप्लाई में भारी बाधा सामने आई है। श्रीलंका भी इस संकट से अछूता नहीं था। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। देश में फ्यूल की कमी के चलते सरकार को सख्त कदम उठाने पड़े। ईंधन की बचत के लिए पब्लिक सर्विस में 4 दिन का वर्किंग वीक लागू कर दिया गया और कई जगहों पर फ्यूल राशनिंग भी शुरू कर दी गई। ऐसे हालात में श्रीलंका ने भारत से मदद की गुहार लगाई थी। जिसका भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए बड़ी खेप में यह मदद भेजी है। जिससे वहां के ट्रांसपोर्ट, बिजली उत्पादन और जरूरी सेवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है। 

आपको बता दें कि इससे पहले भी भारत ने कई मौकों पर श्रीलंका की मदद की है। फिर चाहे वह आर्थिक संकट के दौरान हो या फिर किसी आपदा के दौरान भारत हमेशा श्रीलंका के लिए मदद का हाथ बढ़ाए खड़ा होता है। और अब एक बार फिर भारत ने यह साबित कर दिया है कि वो ना सिर्फ एक मजबूत देश है बल्कि एक भरोसेमंद पड़ोसी भी है। खबर यह भी सामने आई है कि भारत ने श्रीलंका के साथ-साथ बांग्लादेश को भी मदद भेजी है। जिसके तहत अतिरिक्त 5000 टन डीजल की खेप बांग्लादेश को पहुंचाई गई है। अब भारत की ओर से उठाए जा रहे इन पहलों को ना सिर्फ मानवीय सहायता के तौर पे देखा जा रहा है बल्कि क्षेत्र में स्थिरता और आपसी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। कुल मिलाकर बात करें तो जहां एक तरफ दुनिया युद्ध और संकट से जूझ रही है।
me.sumitji@gmail.com

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