
NCLT: देश के फाइनेंशियल सिस्टम में सेंध लगाने से जुड़ा मामला सामने आ रहा है. सरकार की जांच एजेंसी सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) ने सरकारी वित्तीय संस्था आईएफसीआई (IFCI) और उसके अधिकारियों व कंपनियों के खिलाफ 6,855 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर एनसीएलटी (NCLT) में याचिका दायर की है. यह मामला केवल किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों और अधिकारियों का नाम सामने आ रहा है.
क्या है पूरा मामला?
एसएफआईओ (SFIO) की तरफ से दायर याचिका में लगाए गए आरोपों में कहा गया कि आईएफसीआई (IFCI) की तरफ से कई कंपनियों को दिये गए लोन में बड़ी अनियमितताएं हुईं हैं. एसएफआईओ (SFIO) के आरोपों में कहा गया कि लोन देने के दौरान की जाने वाली जांच को सही तरीके से नहीं किया गया. इसके अलावा वैल्यूएशन रिपोर्ट्स और रिस्क मैनेजमेंट में गड़बड़ी के साथ ही इंटरनल प्रोसेस का उल्लंघन किया गया है. याचिका में बताया गया कि इन वजहों से कई कंपनियों को दिये गए लोन बाद में फंस गए और भारी नुकसान हुआ है.
इन कंपनियों के नाम सामने आए!
इस पूरे मामले में जिन कंपनियों का नाम सामने आ रहा है, उनमें देश के कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी कई दिग्गज कंपनियां शामिल हैं. जिन कंपनियों का नाम सामने आया है उनमें ब्लू कोस्ट होटल्स, अमटेक ऑटो, अलोक इंडस्ट्रीज, भूषण स्टील, जेपी इंफ्राटेक, एबीजी शिपयार्ड और पिपावाव डिफेंस आदि शामिल हैं. इनमें से कई कंपनियां पहले ही इनसॉल्वेंसी प्रोसेस से गुजर चुकी हैं.
इन लोगों पर कार्रवाई
इस पूरे मामले में केवल दिग्गज कंपनियां ही नहीं बल्कि आईएफसीआई (IFCI) के कई पूर्व और मौजूदा अधिकारी भी शामिल हैं. इसमें शामिल लोगों में CEO, MD, डायरेक्टर और अन्य सीनियर अधिकारियों के नाम आ रहे हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस मामले में दर्जनभर से ज्यादा लोगों को पक्षकार बनाया गया है. रिपोर्ट के अनुसार SFIO की जांच अब कंपनियों तक सीमित न रहकर आईएफसीआई (IFCI) के तीन पूर्व चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) तक पहुंच गई है.





