
नई दिल्ली। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी की मौत की खबर ने मध्य पूर्व में तनाव को बढ़ा दी है। इजरायली मीडिया ने एक इजरायली अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में बंदर अब्बास में तंगसीरी मारे गए।
हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि या टिप्पणी नहीं आई है, और इजरायली सेना ने भी हमले पर चुप्पी साध रखी है।
तंगसीरी की बड़ी जिम्मेदारी
अलीरेजा तंगसीरी 2018 से आईआरजीसी नौसेना के कमांडर के पद पर थे। वे ईरान की नौसेना रणनीति के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते थे। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने की धमकी और उसकी योजना से उनका नाम जुड़ा था।
यह जलडमरूमध्य दुनिया के तेल निर्यात का महत्वपूर्ण रास्ता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
ईरान की समुद्री क्षमता होगा कमजोर
तंगसीरी कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके थे कि जरूरत पड़ने पर ईरान इस जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की समुद्री क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। वे उन चुनिंदा बड़े नामों में शामिल थे, जो अब तक अमेरिका-इजरायल के कथित लक्ष्य बनने से बचते आए थे।
अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों को तेज कर चुके हैं। बंदर अब्बास ईरान का महत्वपूर्ण बंदरगाह है, जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है और आईआरजीसी की नौसेना गतिविधियों का केंद्र माना जाता है। इजरायली मीडिया के अनुसार, तंगसीरी इस हमले में मारे गए, लेकिन दोनों पक्षों की तरफ से आधिकारिक बयान का इंतजार है।





