Tuesday, March 24, 2026
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₹9000 से अधिक सस्ती हो गई चांदी, सोने के भाव में आज 2400 से अधिक रुपये की गिरावट!..

₹9000 से अधिक सस्ती हो गई चांदी, सोने के भाव में आज 2400 से अधिक रुपये की गिरावट!..
₹9000 से अधिक सस्ती हो गई चांदी, सोने के भाव में आज 2400 से अधिक रुपये की गिरावट!..

आज सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेतों के बीच निवेशकों की सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग कमजोर पड़ी, जिससे दोनों कीमती धातुओं के दाम टूट गए। एमसीएक्स चांदी की कीमतों में गिरावट जारी रही, जो 4.21% या 9,474 रुपये टूटकर 215,693 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि एमसीएक्स सोना भी 1.77% या 2,460 रुपये फिसलकर 136,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

इससे पहले ब्लूमबर्ग के मुताबिक सिंगापुर में सुबह 9:16 बजे हाजिर सोना 1.5% गिरकर 4,340.80 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। चांदी 3.3% फिसलकर 66.81 डॉलर पर आ गई, जबकि प्लैटिनम और पैलेडियम में भी गिरावट आई।

इससे पहले एशियाई कारोबार के दौरान कॉमेक्स पर सोना करीब 1.5% गिरकर 4,370 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 3.3% फिसलकर 67 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती दिखी।

मार्च में धड़ाम हो गए सोने-चांदी के दाम
मार्च 2026 में सोना और चांदी के बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महीने अब तक दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में 20% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है, जो करीब 45 वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इस तेज गिरावट के साथ ही गोल्ड और सिल्वर अब ‘बेयर मार्केट’ के दायरे में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

लगातार चौथे हफ्ते गिरावट, बाजार में दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में लगातार चौथे सप्ताह गिरावट जारी है। इसका असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है, जहां मार्च के दौरान कीमतें करीब 12% से 17% तक टूट चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा माहौल में निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है, जिससे बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है।

ऑल टाइम हाई से बड़ी गिरावट
हाल ही में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद सोने की कीमतें अपने ऑल टाइम हाई से करीब 20–25% तक नीचे आ चुकी हैं। वहीं चांदी में गिरावट और भी तेज रही है, जिसने निवेशकों को ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। यह गिरावट बताती है कि बाजार में तेजी के बाद अब बड़ा करेक्शन चल रहा है।

गिरावट के पीछे ये हैं बड़े कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, इस भारी गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं। मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण सोना अन्य देशों के लिए महंगा हो गया, जिससे इसकी मांग कमजोर पड़ी। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई का दबाव बढ़ा है, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं।

ऊंची ब्याज दरों का माहौल सोने जैसी बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक माना जाता है। इसके अलावा, बाजार में नकदी की जरूरत बढ़ने पर निवेशकों ने सोने-चांदी में मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों पर और दबाव आया।

‘सेफ हेवन’ की छवि को झटका
आमतौर पर वैश्विक तनाव के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार अमेरिका-ईरान और मध्य पूर्व के तनाव के बावजूद सोना अपनी चमक बरकरार नहीं रख पाया। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत डॉलर और ऊंचे बॉन्ड यील्ड के कारण सोने की ‘सेफ हेवन’ वाली छवि को इस बार झटका लगा है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार जानकारों के अनुसार, मौजूदा गिरावट शॉर्ट टर्म में अस्थिरता बढ़ा सकती है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अवसर भी साबित हो सकती है। हालांकि, फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है, इसलिए निवेशकों को सावधानी बरतने और चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

me.sumitji@gmail.com

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