
IPL 2026 के लिए BCCI ने मुख्य रूप से पिच और प्रैक्टिस से जुड़े 4 सख्त नियम लागू किए हैं, जिनमें 4-दिन का मेन स्क्वायर ‘ब्लैकआउट’, 3.5 घंटे की प्रैक्टिस समय सीमा, फ्रेश नेट्स का नियम और थ्रो-डाउन पर रोक शामिल है। ये नियम निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हैं, जिससे होम टीमों को पिच का फायदा न मिले और मेहमान टीमों को भी समान अवसर मिले।
IPL 2026 के 4 नए नियम और उनका असर
1.4-दिन का मेन स्क्वायर ‘ब्लैकआउट’:
- नियम:पहले होम मैच से 4 दिन पहले मुख्य पिच पर कोई अभ्यास नहीं होगा।
- फायदे:मैच के लिए पिच की गुणवत्ता (पिच की स्थिति) बरकरार रहती है।
- नुकसान:होम टीमों (जैसे KKR, MI) को अपने मुख्य मैदान से परिचित होने का समय कम मिलेगा, उन्हें वैकल्पिक मैदानों पर प्रैक्टिस करनी होगी
2.फ्रेश नेट्स/पिच का नियम:
- नियम:एक टीम जिस पिच का उपयोग कर लेगी, वह दूसरी टीम को नहीं दी जाएगी। हर टीम को बिल्कुल नई (Fresh) पिच मिलेगी।
- फायदे:सभी टीमों को बराबरी का मौका मिलता है, कोई टीम पिच को जल्दी खराब नहीं कर सकती।
- नुकसान:फ्रेश पिच पर अभ्यास से टीमें मैच वाली पिच (जो पुरानी हो सकती है) के व्यवहार को नहीं समझ पाएंगी।
3.3.5 घंटे की समय सीमा:
- नियम:फ्लडलाइट्स के तहत होने वाले अभ्यास सत्र या मैच 5 घंटे से अधिक नहीं चलेंगे।
- फायदे:पिच की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और बेवजह की टूट-फूट रुकती है।
- नुकसान:टीमों को अपनी रणनीतियों (Strategies) को परखने के लिए कम समय मिलेगा।
4.थ्रो-डाउन प्रैक्टिस पर कड़े नियम:
- नियम:एक टीम द्वारा उपयोग की गई थ्रो-डाउन नेट्स या रेंज-हिटिंग विकेट का उपयोग दूसरी टीम नहीं करेगी।
- फायदे:थ्रो-डाउन एक्सपर्ट्स द्वारा पिच को नुकसान पहुंचाने से रोका जा सकता है।
- नुकसान:टीमों के लिए प्रैक्टिस की लॉजिस्टिक्स (logistics) जटिल हो जाएगी, क्योंकि अब अधिक अलग-अलग प्रैक्टिस एरिया की आवश्यकता होगी।
इन नियमों का उद्देश्य सभी टीमों के लिए समान खेल का मैदान (Level Playing Field) तैयार करना है।
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