
भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर को लेकर बड़ा बयान दिया है. सौरव गांगुली ने गौतम गंभीर को सलाह दी है कि उन्हें ‘रूखा और सख्त’ होने से बचना चाहिए. सौरव गांगुली ने गौतम गंभीर को कहा कि जीतने की चाह में वे ‘रूखे और सख्त’ न बनें, क्योंकि वे असल में एक ‘अच्छे इंसान’ हैं. सौरव गांगुली ने गौतम गंभीर की तारीफ भी की और कहा कि टीम का माहौल और टीम से जुड़े संदेश, सब कुछ सही सोच से आते हैं.
‘गंभीर को इतना ‘RUDE’ होने की जरूरत नहीं’
गौतम गंभीर भारत के सबसे सफल हेड कोच में से एक हैं, और अकेले ऐसे कोच हैं जिन्होंने दो ICC खिताब जीते हैं. हालांकि, वे हमेशा से ही एक विवादित हस्ती रहे हैं, इसकी एक वजह यह है कि मीडिया में उनका रवैया काफी टकराव वाला लगता है, और दूसरी वजह यह है कि उन्होंने टीम में सख्त अनुशासन के नियम लागू किए हैं, जैसे कि खिलाड़ियों के साथ उनके परिवार वालों की मौजूदगी को कम करना.
गांगुली ने दिया विस्फोटक बयान
सौरव गांगुली ने गौतम गंभीर की चर्चा करते हुए RevSportz से कहा, ‘आप जानते हैं, वह (गौतम गंभीर) शायद थोड़े रूखे या सख्त हों, लेकिन वह एक अच्छे कॉम्पटीटर हैं. असल में उन्हें रूखा या सख्त होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह एक अच्छे इंसान हैं. मैंने उन्हें देखा है, मैंने भारत के लिए उनके साथ खेला है, लेकिन वह एक अच्छे कॉम्पटीटर हैं. वह जीतना चाहते हैं.’
गौतम गंभीर की सबसे बड़ी परीक्षा कब होगी?
सौरव गांगुली ने कहा, ‘वह अपनी टीम के बारे में सही बातें करते हैं, टीम का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं, न कि सिर्फ किसी एक खिलाड़ी का. इसलिए वह अच्छे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि उनकी सबसे बड़ी परीक्षा तब होगी जब वह बाहर (भारत के बाहर क्रिकेट टूर पर) जाना शुरू करेंगे, और यह कुछ ऐसा है जिस पर उन्हें महारत हासिल करनी होगी, और मुझे पूरा यकीन है कि वह ऐसा करेंगे.’
गौतम गंभीर का टेस्ट कोचिंग में रिकॉर्ड खराब
बता दें कि गौतम गंभीर को लेकर लोगों में जो इतनी नाराजगी है, उसकी एक बड़ी वजह उनका टेस्ट रिकॉर्ड भी है. वह अकेले ऐसे कोच हैं, जिनके रहते टीम को इस फॉर्मेट में अपने ही घर में दो बार बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने शायद ही कभी इसकी जिम्मेदारी ली हो. इसके बजाय उन्होंने इसका ठीकरा टीम में चल रहे बदलावों पर फोड़ दिया. इसके उलट, सौरव गांगुली ने इस बात की ओर इशारा किया कि गौतम गंभीर हमेशा टर्निंग पिचों पर खेलना चाहते हैं, और उनसे कहा कि वह पिचों के बारे में सोचना ‘अपने दिमाग से निकाल दें’.






