Monday, March 23, 2026
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सीजफायर के लिए ईरान ने रख दी 3 और शर्तेंः जानकर अमेरिका-इजरायल के उडे होश!..

सीजफायर के लिए ईरान ने रख दी 3 और शर्तेंः जानकर अमेरिका-इजरायल के उडे होश!..

वॉशिंगटन। अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का आज 24वां दिन हैं। ईरान ने सीजफायर के लिए 3 नई शर्तें रखीं हैं। ईरान के एक बड़े अधिकारी ने लेबनानी मीडिया अल मयादीन से रविवार को कहा कि उनका देश पहले से तय योजना के हिसाब से काम कर रहा है।

ईरान की तीन नई शर्त-

इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद किया जाए,
होर्मुज स्ट्रेट के लिए नए नियम बनाए जाएं और
ईरान के खिलाफ माने जाने वाले मीडिया से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जाए और उनका प्रत्यर्पण किया जाए।
जबकि इससे पहले ईरान कहा था कि सीजफायर के लिए भविष्य में दोबारा युद्ध न होने की गारंटी दी जाए, नुकसान का मुआवजा दिया जाए और पूरे क्षेत्र में चल रहे युद्ध खत्म किए जाएं।

ईरानी अधिकारी का कहना है कि उनका देश तब तक कार्रवाई जारी रखेगा, जब तक दुश्मनों को सबक नहीं सिखा देता।

ईरान जंग ग्लोबल से अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने ईरान जंग को दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कैनबरा में कहा कि अभी का हाल बहुत खराब है। यह ऐसा है जैसे एक साथ कई तेल और गैस का संकट एक साथ चल रहा है।

उन्होंने साफ कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो दुनिया का कोई भी देश इससे बच नहीं पाएगा। इस लड़ाई में कई तेल और गैस से जुड़े ठिकानों पर हमले हुए हैं, जिससे सप्लाई पर असर पड़ा है।

ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…

इजराइल ने रविवार को लेबनान के लितानी नदी पर मौजूद अल-कासमिया ब्रिज को उड़ा दिया। इसकी वजह से दक्षिणी लेबनान का उत्तरी लेबनान से संपर्क टूट गया।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

जंग की वजह से एशिया के कई शेयर मार्केट में गिरावट
अमेरिका और ईरान जंग की वजह से एशियाई मार्केट्स में आज गिरावट देखने को मिल रही है। ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट खोलने का अल्टीमेटम दिया है, जिसके बाद दोनों तरफ से हमले और जवाबी हमले की धमकियां दी जा रही हैं। इससे डर है कि युद्ध और लंबा चल सकता है।

इस डर की वजह से एशिया के कई बड़े शेयर बाजार गिर गए। हॉन्ग कॉन्ग के हैंग सेंग इंडेक्स में करीब 3.3% की गिरावट आई, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट भी करीब 2.3% नीचे चला गया।

इसके अलावा सिंगापुर के स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई। फिलीपींस और थाईलैंड के बाजार भी नीचे गए हैं। वहीं, जापान का निक्केई इंडेक्स भी करीब 3.5% तक गिर गया।

ईरान ने मिसाइल पर स्पेनिश PM पर बयान लिखकर हमला किया
ईरान ने इजराइल पर जो मिसाइलें दागीं, उन पर स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के बयान वाले स्टिकर लगाए थे।

यह स्टिकर इसलिए लगाए गए क्योंकि हाल ही में सांचेज ने कहा था कि स्पेन की नीति ‘युद्ध के खिलाफ’ है। उन्होंने अमेरिका-इजराइल हमलों को ‘गैरकानूनी’ और ‘खतरनाक’ बताया था।

ईरान ने उनके इसी बयान को मिसाइलों पर लिखकर एक तरह का संदेश दिया। तस्वीरों में दिखा कि मिसाइलों पर सांचेज की फोटो और उनका बयान लिखा हुआ था।

ईरान के सैनिकों ने इन मिसाइलों को लॉन्च करते समय नारे भी लगाए। इससे साफ है कि यह सिर्फ हमला नहीं, बल्कि एक तरह का संदेश देने की कोशिश भी थी।

ईरान से फिर तेल खरीदने की तैयारी कर रहा चीन
चीन फिर से ईरान से तेल खरीदने की सोच रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन की बड़ी सरकारी कंपनियां ईरान के साथ डील करने की बात कर रही हैं।

अमेरिका ने महंगाई काबू करने के लिए 20 मार्च को ईरानी तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में 30 दिन की छूट दी है। ये छूट सिर्फ समुद्र में मौजूद ईरानी तेल के टैंकरों की खरीद के लिए है।

चीन की छूट का फायदा उठाकर ईरान से तेल खरीदना चाहता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ईरान की तेल कंपनी नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी भी दूसरे देशों से बात कर रही है, ताकि ज्यादा तेल बेच सके।

पहले चीन, ईरान का सबसे बड़ा ग्राहक था। पिछले साल चीन ने रोजाना करीब 13.8 लाख बैरल (1.38 मिलियन बैरल) ईरानी तेल खरीदा था। यह चीन के कुल आयात का लगभग 13.4% हिस्सा था।

ईरान ने इजराइली शहरों पर क्लस्टर बम दागे, तेहरान पर जवाबी हमला
ईरान ने रविवार रात इजराइल की राजधानी तेल अवीव समेत कई शहरों पर क्लस्टर बम दागे।

इस हमले में करीब 15 लोग घायल हुए, जिनमें एक की हालत गंभीर है। कई घरों और सड़कों को भी नुकसान पहुंचा। इसके बाद इजराइल ने भी सोमवार को ईरान की राजधानी तेहरान में मिसाइल हमले किए।

इस बीच, अमेरिका में इजराइल के राजदूत येचिएल लीटर ने कहा कि इजराइल तब तक अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा, जब तक ईरान को ‘घुटनों पर’ नहीं ला दिया जाता। इजराइल अब ऐसे देश के साथ नहीं रह सकता, जो उस पर लगातार हमले कर रहा है।

दूसरी तरफ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि किसी भी हमले का जवाब मैदान में दिया जाएगा। अगर ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया, तो वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा।

me.sumitji@gmail.com

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