Monday, March 23, 2026
Business

जिसका डर था वही हो गया, ट्रंप की धमकी से लहूलुहान हुआ बाजार, 1400 अंक लुढ़का सेंसेक्स!..

जिसका डर था वही हो गया, ट्रंप की धमकी से लहूलुहान हुआ बाजार, 1400 अंक लुढ़का सेंसेक्स!..
जिसका डर था वही हो गया, ट्रंप की धमकी से लहूलुहान हुआ बाजार, 1400 अंक लुढ़का सेंसेक्स!..

Share Market: ईरान जंग बीतते दिन के साथ भीषण होता जा रहा है. अमेरिका-इजरायल-ईरान की जंग की चपेट में आकर दुनियाभर के बाजार में तबाही मच रही है. अमेरिका ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, जो आज खत्म हो रहा है. वहीं ईरान ने पलटवार करते हुए अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दे दी. इस धमकी का असर शेयर बाजार पर हो रहा है. निवेशक डरे हुए हैं. अमेरिका, जापान, कोरिया, हांगकांग हर जगह शेयर बाजार में तबाही मची है. भारत का शेयर बाजार भी इस चपेट में आने से खुद को बचा नहीं सका.

भारतीय शेयर बाजार क्रैश
सोमवार को शेयर बाजार खुलने के साथ ही क्रैश हो गया. सेंसेक्स सुबह 9.17 बजे 1435.78 अंक क्रैश होकर 73,097.18 अंक पर पहुंच गया. निफ्टी 418.70 अंक गिरकर 22,695.80 पर ट्रेड कर रहा था. सुबह 9.39 बजे सेंसेक्स में 1330 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ निवेशकों को तबाह करता रहा. 30 शेयरों वाला सूचकांक BSE क्रैश होकर 72,977 अंक पर फिसल गया. NSE 450 अंक गिरकर 22,634 स्तर पर पहुंच गया. विदेशी बाजारों से मिले बुरे सिग्नल के बाद भारतीय बाजार में कोहराम मचा है. बाजार खुलने के साथ ही सेंसेक्स के 30 के 30 शेयर लाल निशान में रहे. TATA Steel, HDFC, SBI, बजाज फाइनेंस, टाइटन और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर्स 2 से 3 फीसदी तक गिर गए.

मिनटों में लगा 8 लाख करोड़ का झटका
इस गिरावट ने निवेशकों के 7.74 लाख करोड़ रुपये खाक कर दिए. बाजार खुलते ही बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप गिरकर 421 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. भारतीय रुपया नए निचले स्तर पर पहुंच गया. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया सोमवार, 23 मार्च को 0.1 फीसदी टूटकर 93.83 स्तर पर पहुंच गया.
कच्चे तेल पर संकट, कीमत बेलगाम

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज टेंशन के बीच कच्चे तेल की कीमतें ठहरने का नाम नहीं ले रही हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 111 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए. ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 111 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) के रेट 98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए. अमेरिका के धमकी और ईरान के पलटवार के बाद ये कयास लगाए जा रहे हैं कि मिडिल ईस्ट का जंग इतनी जल्दी खत्म नहीं होने वाला. ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी पकड़ को इतनी जल्दी ढील नहीं देगा. यानी इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की मुश्किल बढ़ती रहेगी, ये रास्ता बंद होने से तेल और गैस के आयात की मुश्किल बढ़ेगी, सप्लाई अटकने से तेल और गैस का संकट जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा है.

क्यों क्रैश हुआ शेयर बाजार

ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी आज खत्म हो रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को अल्टीमेटम दिया है कि वो 48 घंटे में होर्मुज को पूरी तरह से खोल दे, वरना ईरान के पावर सेंटर्स पर हमला होगा. ईरान ने जवाब देते हुए कहा कि अगर उनपर हमला हुआ तो वह क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल से जुड़े सभी ऊर्जा और तकनीकी ढांचे को निशाना बनाएगा. इस धमकी से निवेशक डरे हुए हैं. बाजार में इस डर का असर साफ-साफ दिखा है.

ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।
me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply