
हरियाणा के कैथल जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक पति ने न केवल अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या की, बल्कि कत्ल के बाद 9 घंटे तक उसकी लाश के पास बैठकर अपने आत्मसमर्पण या आत्महत्या के बीच कशमकश करता रहा. पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी अरुण ने जो खुलासे किए हैं, वे किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं हैं.
एसएचओ गीता के अनुसार, वारदात शुक्रवार रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच की है. आरोपी अरुण शराब के नशे में घर पहुंचा था. मामूली कहासुनी के बाद जब पत्नी शालू और उसके दो मासूम बच्चे (5 साल का बेटा और 3 साल की बेटी) सो गए, तब अरुण के सिर पर खून सवार हो गया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उसने सोते समय शालू का गला दबाया.
पूछताछ में अरुण ने बताया कि शालू ने बचने के लिए हाथ-पांव मारे और काफी तड़पी. एक बार गला दबाने के बाद जब वह बेसुध हो गई, तो अरुण रुक गया. लेकिन जैसे ही शालू के शरीर में दोबारा हलचल हुई, उसने फिर से तब तक गला दबाए रखा जब तक उसकी सांसें पूरी तरह थम नहीं गईं. इस खौफनाक मंजर के दौरान उसके दोनों बच्चे उसी बेड पर बेखबर सोते रहे.
सुसाइड नोट तैयार था, पर मौत से डर गया
हैरानी की बात यह है कि अरुण ने पत्नी की हत्या के बाद खुद की जान लेने की भी योजना बनाई थी. पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने लिखा था कि वह अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता है लेकिन उसके बार-बार मायके जाने और उसके चरित्र पर शक के कारण परेशान है. उसने लिखा था कि वह शालू को मारकर खुद भी जान दे देगा.
हालांकि, कत्ल के बाद वह 9 घंटे तक लाश के पास बैठा रहा, कभी घर के अंदर जाता तो कभी बाहर, लेकिन खुदकुशी की हिम्मत नहीं जुटा सकाय सुबह 11 बजे तक जब नशा उतरा और बच्चे जागने वाले थे, तब उसने सामने पोंछा लगा रही अपनी भाभी से कहा- मैंने शालू को मार दिया है, अब आप संभाल लेना. फिर वहां से फरार हो गया.
सास को फोन कर बोला- फोटो भेजूं क्या?
भागने से पहले अरुण ने अपनी सास को फोन कर इस जघन्य अपराध की जानकारी दी. जब उसकी सास ने यकीन नहीं किया, तो उसने गुस्से में कहा- आपकी बेटी मर चुकी है, यकीन नहीं आता तो क्या फोटो भेजूं? इसके बाद उसने अपनी पत्नी का मोबाइल भी तोड़ दिया.
चोरी के मामले में पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस जांच में सामने आया कि अरुण का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. वह पहले भी कैथल के चंदाना गेट स्थित एक घर से लाखों के जेवर चोरी करने के आरोप में जेल जा चुका था और फिलहाल जमानत पर बाहर था. अब वह दोबारा सलाखों के पीछे पहुंच गया है.
मायके वाले ले गए बच्चों को अपने साथ
शालू की मौत के बाद उसके मायके वाले (बठिंडा, पंजाब) कैथल पहुंचे. पोस्टमार्टम के बाद वे शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने साथ ले गए. शालू के दोनों मासूम बच्चे, जिन्होंने अपनी मां को खो दिया और पिता जेल चला गया, उन्हें भी उनके नाना-नानी अपने साथ बठिंडा ले गए हैं. पुलिस ने आरोपी को शीला खेड़ा ड्रेन के पास से गिरफ्तार कर लिया है.





