
Rules of Passenger Death Mid Air: ब्रिटिश एयरवेज की एक फ्लाइट में रविवार को टेक-ऑफ के कुछ ही समय बाद एक 60 साल की महिला यात्री की मृत्यु हो गई. फ्लाइट BA32 हांगकांग से लंदन जा रही थी, तभी अचानक महिला की मौत हो गई. हालांकि, हवा में होने और प्रोटोकॉल के कारण फ्लाइट को बीच रास्ते से वापस नहीं मोड़ा गया और विमान में सवार बाकी यात्रियों को उस महिला के शव के साथ लगभग 13.5 घंटे का लंबा सफर करना पड़ा.
प्लेन में महिला की मौत
दरअसल, यात्रा के दौरान हुई मृत्यु को आमतौर पर मेडिकल इमरजेंसी नहीं माना जाता है. इसलिए मृत्यु के बाद भी पायलटों ने मार्ग बदलने या हांगकांग लौटने के बजाय हीथ्रो हवाई अड्डे तक यात्रा करने का फैसला किया. क्रू ने शव को लपेटकर पिछले कक्ष में रख दिया. अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (IATA) ने ऐसे मामलों से निपटने के लिए कुछ निर्देश दिए गए हैं. प्लेन में उड़ान के दौरान किसी यात्री की मौत होने पर एयरलाइन और क्रूब मेंबर्स को IATA के दिशानिर्देशों का पालन करना पड़ता है…
तुरंत एक्शन और पुष्टि
अगर विमान में ऐसी घटना होती है, तो सबसे पहले कैप्टन को बताया जाता है. इसके बाद क्रू में मौजूद डॉक्टर या मेडिकल पेशेवर की मदद लेते हैं, क्योंकि आधिकारिक तौर पर केवल एक डॉक्टर ही किसी को मृत घोषित कर सकता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अगर फ्लाइट में डॉक्टर न हो, तो पायलट जमीन पर मौजूद मेडिकल एक्सपर्ट से संपर्क करते हैं.
शव कहां रखा जाता है?
आमतौर पर जगह की कमी के कारण शव को उसकी सीट पर ही रहने दिया जाता है. इसे वॉशरूम या गैलरी में नहीं रखा जाता, क्योंकि सुरक्षा के लिहाज से ऐसा करना सही नहीं है. शव की सम्मानजनक तरीके से आंखें बंद कर दी जाती है और उसे गर्दन तक कंबल से ढक दिया जाता है. शव को सीट बेल्ट से बांध दिया जाता है, जिससे वह हिले नहीं. अगर एयरलाइन के पास बॉडी बैग है, तो उसका इस्तेमाल किया जाता है. वहीं अगर प्लेन खाली है तो उसे खाली जगह में ले जाया जाता है.
फ्लाइट लैंडिंग के क्या है नियम?
किसी की मौत होने पर इमरजेंसी लैंडिंग जरूरी नहीं होती. ये फैलसा कैप्टन विमान की स्थिति, दूरी और मेडिकल सलाह के आधार पर लेता है. लैंडिंग के बाद पहले बाकी यात्रियों को उतारा जाता है, फिर शव को ले जाया जाता है.





