Saturday, March 21, 2026
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ईरान का US-Israel पर बड़ा आरोप, Natanz न्यूक्लियर प्लांट पर फिर हमला, क्या है पूरा मामला?

ईरान का US-Israel पर बड़ा आरोप, Natanz न्यूक्लियर प्लांट पर फिर हमला, क्या है पूरा मामला?
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी मिज़ान ने बताया कि शनिवार को ईरान के नतान्ज़ परमाणु संवर्धन संयंत्र पर हवाई हमला हुआ। एजेंसी ने कहा कि विकिरण रिसाव नहीं हुआ, जबकि मध्य पूर्व में युद्ध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। ईरान के मुख्य संवर्धन केंद्र नतान्ज़ पर युद्ध के पहले सप्ताह में हमला हुआ था और उपग्रह चित्रों के अनुसार कई इमारतें क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही थीं। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने कहा था कि उस पहले हमले से कोई विकिरण संबंधी परिणाम होने की उम्मीद नहीं है। तेहरान के दक्षिण-पूर्व में लगभग 220 किलोमीटर (135 मील) दूर स्थित इस परमाणु संयंत्र को जून 2025 में ईरान और इज़राइल के बीच 12 दिनों तक चले युद्ध में इज़राइली हवाई हमलों और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा निशाना बनाया गया था।

यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के एक दिन बाद हुआ है जिसमें उन्होंने कहा था कि वे मध्य पूर्व में सैन्य अभियानों को “कम करने” पर विचार कर रहे हैं, जबकि अमेरिका इस क्षेत्र में तीन और उभयचर हमलावर जहाज और लगभग 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिक भेज रहा है। ट्रम्प का शुक्रवार को सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट ईरान द्वारा विश्व भर में मनोरंजन और पर्यटन स्थलों पर हमले की धमकी और क्षेत्र में जारी हवाई हमलों, ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद आया है। अमेरिका की ओर से ये मिले-जुले संदेश तेल की कीमतों में एक और उछाल के बाद आए, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। इसके बाद ट्रम्प प्रशासन ने घोषणा की कि वह जहाजों पर पहले से लदे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा रहा है, जिसका उद्देश्य ईंधन की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करना है।

तीन सप्ताह से जारी इस युद्ध में मंदी के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इज़राइल का कहना है कि ईरान ने शनिवार सुबह भी उस पर मिसाइलें दागीं, वहीं सऊदी अरब ने दावा किया कि उसने देश के पूर्वी क्षेत्र में, जहां प्रमुख तेल प्रतिष्ठान स्थित हैं, महज दो घंटों में 20 ड्रोन मार गिराए। ये हमले इज़राइली हवाई हमलों के एक दिन बाद हुए, जो तेहरान में तब हुए जब ईरानी लोग फारसी नव वर्ष नवरोज़ मना रहे थे। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह आम तौर पर एक उत्सवपूर्ण त्योहार होता है, लेकिन युद्ध के कारण इस बार इसकी रौनक फीकी पड़ गई है।
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