Friday, March 20, 2026
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3 युद्धपोत, 2500 मरीन कमांडो, अब क्या करने जा रहा है अमेरिका?

ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध अब और भी खतरनाक मोड़ लेता हुआ दिख रहा है। जहां अमेरिका ईरान के ऊपर और भी भीषण हमला करने की तैयारी बना रहा है। अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य ताकत को अचानक से फिर से कई गुना बढ़ाने लगा है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अब तीन और युद्धपोत, हजारों संख्या में मरीन कमांडोज़ और अत्याधुनिक F-35 फाइटर जेट्स को ईरान की दिशा में रवाना कर दिया। ये तमाम नई तैनाती अमेरिका की किसी बड़ी एक्शन की तैयारी की ओर संकेत देते हैं। इसका एक और मतलब जो निकल कर सामने आ रहा है वो यह है कि अमेरिका अब सिर्फ हवाई हमलों तक सीमित नहीं रहना चाहता बल्कि वो ईरान के खिलाफ जमीन पर उतर कर और समुद्री मोर्चे तीनों पर ही पूरी ताकत के साथ हमला करना चाहता है और इसलिए इस नए मिशन के तहत अमेरिका ने यूएसएस बॉक्सर, यूएसएस स्पोर्टलैंड और यूएसएस कॉमस्टॉक इन तीनों ही एयरक्राफ्ट कैरियर्स को मिडिल ईस्ट की ओर भेज दिया है। 

इसके साथ ही इन तीनों जहाजो पर मिलाकर करीब 2500 मरीन कमांडोस तैनात है। जबकि कुल मिलाकर बात करें तो 4000 सैनिक और नाविक इस मिशन का हिस्सा है। इन जहाजों की सबसे बड़ी ताकत है इन पर तैनात अत्याधुनिक हथियार और फाइटर जेट्स और ऐसे एम्फीवियस वाहन मौजूद है जो सीधे समुद्र से जमीन पर उतर कर हमला करने की क्षमता रखते हैं। यानी कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका जमीन पर उतर कर बड़े ऑपरेशन को शुरू कर सकता है। जिसका इशारा पहले ही ट्रंप कई बार दे चुके हैं कि वह जमीन पर हमला करने में भी नहीं कतराएंगे और अब यह पूरा नया बेड़ा पहले से तैनात यूएसएस ट्राइपोली से जुड़ने वाला है। जिस पर पहले से ही 2200 से ज्यादा मरीन कमांडोस तैनात हैं। जब ये दोनों ताकतें एक साथ मिलकर उतरेंगी तो मिडिल ईस्ट में अमेरिका की सैन्य ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। इतना ही नहीं इन जहाजों पर रोलिंग एयरफ्रेम मिसाइल, सी स्पेरो मिसाइल, एवीएट H है जेट्स और एसro जैसे एडवांस एयरक्राफ्ट भी तैनात हैं। इसके साथ ही कई सारे अटैक हेलीकॉप्टर्स भी मौजूद हैं। जिनमें वाइपर और वेनम भी इस मिशन का हिस्सा हैं। 

अमेरिका के इस कदम को सीधे तौर पर ईरान को चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कुछ सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह तैनाती सिर्फ डिफेंस नहीं बल्कि ऑफेंसिव ऑपरेशन की तैयारी को दिखाता है। जहां अमेरिका और भी ज्यादा ताकत के साथ ईरान पर हमला करने का प्लान बना रहा है। ट्रंप प्रशासन का मानना था कि ये जंग जल्द ही खत्म हो जाएगी। लेकिन ईरान ने अमेरिका के सारे सपनों को तोड़ दिया। ईरान ने अमेरिका के हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया और अमेरिका को भारी नुकसान पहुंचाया है। जिसकी वजह से अमेरिका बौखला उठा है और अब खुद के हुए नुकसान को भरपाई करने के लिए या उसका बदला लेने के लिए वो ईरान पर और जोर से हमला करने की तैयारी कर रहा है। अमेरिका की लगातार बढ़ती हुई तैनाती इस बात का संकेत है कि अमेरिका लंबी लड़ाई के लिए खुद को तैयार कर रहा है। और सबसे बड़ा सवाल जो अभी उठकर आता है वो यह है कि क्या अमेरिका जल्द ही ईरान पर बड़ा हमला करेगा और करेगा तो कितना बड़ा हमला? फिलहाल मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण है और हर नई चुनौती इस जंग को और खतरनाक बना रही है। 
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