
वाराणसी के यूपी कॉलेज में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के बाद से तनाव का माहौल है. घटना से गुस्साए छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों के गुस्से को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल को कॉलेज के कैंपस में तैनात किया गया है. कॉलेज के पास स्थित भोजूबीर मार्केट को पूरी तरह बंद कर दिया गया. पुलिस को डर है कि अगर छात्र ज्यादा उग्र हो गए तो मार्केट में तोड़फोड़ कर सकते हैं. पुलिस के अधिकारी यूपी कॉलेज के प्रिंसिपल, प्रॉक्टोरियल बोर्ड और छात्रों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि मामला शांत हो सके. आइए जानते हैं इन दोनों छात्र सूर्य प्रताप सिंह और मंजीत चौहान के बारे में…
21 साल का सूर्य प्रताप सिंह गाजीपुर जिले का रहने वाला था. कक्षा 8 तक की पढ़ाई उसने गाजीपुर से ही की. फिर कक्षा 9 से यूपी कॉलेज में एडमिशन ले लिया. सूर्य प्रताप सिंह पढ़ने में बहुत होनहार था. से ही PCM से 12वीं की परीक्षा फर्स्ट डिवीजन से पास की. फिर यहीं BSC मैथ में एंट्रेंस परीक्षा पास कर एडमिशन लिया. साथी छात्रों ने बताया कि सूर्य प्रताप सिंह बेहद मिलनसार था. वह खुद को पढ़ाई में व्यस्त रखता था. BSC के बाद वह यहीं से MSC मैथ्स से रिसर्च करना चाहता था. एकेडमिक में जाने का उसका सपना था. सूर्य प्रताप के पिता लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करते हैं.

आरोपी मंजीत चौहान पर दर्ज है केस
वहीं आरोपी छात्र BA सेकेंड ईयर का छात्र है. मंजीत वाराणसी के ही चांदमारी का रहने वाला है. उस पर पहले भी शिवपुर थाने में 323 का मुकदमा दर्ज था, जबकि उसके साथी अनुज पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं. बात-बात में मारपीट करने वाला मंजीत चौहान मनबढ़ प्रवृत्ति का है. सोशल मीडिया पर खुद की बैड बॉय की इमेज बताने वाला मंजीत इंस्टा पर खुद को माफिया बताता है. मंजीत चौहान भोजूबीर, शिवपुर और बड़ा लालपुर जैसे लोकल थानों में भी काफी लोकप्रिय है.
15 दिन से घर पर था सूर्य प्रताप सिंह
सूर्य प्रताप सिंह और मंजीत में कुछ दिन पहले किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, तभी से दोनों के बीच तनातनी चल रही थी. दोनों के लड़ाई-झगड़े की शिकायत यूपी कॉलेज के प्रिंसिपल धर्मेंद्र सिंह और प्रॉक्टोरियल बोर्ड तक गई. इसी बीच सूर्य प्रताप अपने घर गाजीपुर निकल गया. वहां उसे चिकन पॉक्स हो गया. करीब 15 दिन से वह घर पर था. शुक्रवार को उसे प्रिंसिपल धर्मेंद्र सिंह और चीफ प्रॉक्टर ने कॉलेज बुलाया, ताकि दोनों के बीच का झगड़ा खत्म किया जा सके, लेकिन झगड़ा खत्म होने के बजाए एक ही हत्या हो गई. मंजीत ने सूर्य प्रताप सिंह पर तीन राउंड फायर किया, जिसमें एक गोली उसके सिर पर लगी, जबकि दो गोली शरीर पर. वारदात के बाद मंजीत अपने साथी अनुज के साथ भाग गया.

एक साल में 3-4 बार हो चुकी थी दोनों की लड़ाई
यूपी कॉलेज के छात्र अब ये भी पूछ रहे हैं कि जब मंजीत चौहान और सूर्य प्रताप सिंह के बीच पहले भी कई बार झगड़ा हो चुका था और ये बात प्रिंसिपल जानते थे तो दोनों को एक साथ बुलाकर समझाने की जगह दोनों को अलग-अलग बुलाकर क्यों नहीं समझाया गया? सूर्य प्रताप सिंह BSC सेकेंड ईयर का छात्र था और मंजीत चौहान BA सेकेंड ईयर का तो फिर दोनों में कई बार झगड़ा आखिर किस बात को लेकर था? ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। फिलहाल वर्चस्व की बात सामने आ रही है, लेकिन वर्चस्व किस बात के लिए था, इसको लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है. बीते एक साल में दोनों तीन-चार बार भिड़ चुके थे.
छात्रों ने UP कॉलेज में की तोड़फोड़-पथराव
फिलहाल सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के इस हाई प्रोफाइल मामले में मंजीत चौहान और उसके साथी अनुज पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. DSP वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि दोनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस की चार टीमें दोनों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं. आरोपी मंजीत की बाइक कॉलेज के मेन गेट के बगल में खड़ी दिखाई दी तो छात्रों ने उसे पूरी तरह से तोड़ दिया. छात्रों ने कॉलेज में भी तोड़फोड़ और पथराव किया, जिससे एक शिक्षक घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया.




