भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक महत्व वाला बंदरगाह चाबहार। इसे लेकर अब एक बड़ी जानकारी सामने आई है। ईरान से चल रहे युद्ध में अमेरिका और इजराइल चाबहार के कई इलाकों पर बमबारी कर चुका है और इसमें चाबहार के इलाकों में भारी नुकसान की भी खबरें हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लेकिन इस पूरे मामले को लेकर अब भारत सरकार की तरफ से एक बड़ी जानकारी सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी है कि अमेरिका ने इस पोर्ट को लेकर दी गई अपनी कंडीशनल सेंक्शन वेवर को 26 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार ने सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाया हुआ है और वह कोशिश कर रहे हैं कि इसके प्रभावों को कम किया जा सके।
चाबहार भारत के लिए बेहद रणनीतिक महत्व वाला पोर्ट है। इसके जरिए भारत पाकिस्तान को बाईपास करके ईरान और फिर उससे आगे के हिस्सों तक अपनी पहुंच को बढ़ाता है और इसमें पाकिस्तान की भूमिका को वो शून्य करता है। लेकिन जिस तरह से चाबहार पोर्ट पर अमेरिका ने पहले शिकंजा कसा प्रतिबंध लगाएं और अब जिस तरह से ईरान पर हमलों के बीच चाबहार को भी निशाना बनाया गया है। उसने कई तरह की चिंताएं खड़ी कर दी है।
यही वजह है कि भारत बार-बार यही कह रहा है कि नागरिक और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चरों को निशाना बनाना कतई स्वीकार्य नहीं है। इसके अलावा भारत बार-बार यही अपनी बात दोहरा रहा है कि सभी पक्षों को शांति बनाए रखने के लिए बातचीत जरूरी है। युद्ध विराम की बार-बार अपील भारत की तरफ से की जा रही है और भारत ने वैश्विक मंच से एक बार फिर से संवाद और कूटनीति के जरिए युद्ध को रोकने की अपील की है।




