Wednesday, March 18, 2026
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अमेरिका ने होर्मुज के पास दाग दिया 2200 किलो बम, पूरा इलाका साफ, आज रात…!..

अमेरिका ने होर्मुज के पास दाग दिया 2200 किलो बम, पूरा इलाका साफ, आज रात…!..
अमेरिका ने होर्मुज के पास दाग दिया 2200 किलो बम, पूरा इलाका साफ, आज रात…!..

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी सेन्ट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी वायुसेना ने ईरान की तटरेखा पर मौजूद ईरानी मिसाइल ठिकानों पर 2,200 किलो (5,000 पाउंड) वजनी ‘डीप पेनिट्रेटर बंकर बस्टर’ बम से बड़ी एयरस्ट्राइक की हैं. ये हमले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास हुए, जिसे दुनिया का सबसे संवेदनशील ऊर्जा मार्ग माना जाता है.

क्या था अमेरिकी निशाना?

CENTCOM के अनुसार, जिन ठिकानों पर हमला किया गया, वहां ईरान के एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल सिस्टम मौजूद थे, जो अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए बड़ा खतरा बन रहे थे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बयान में कहा गया कि ‘इन मिसाइल साइट्स से अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी को खतरा था.’

कैसा होता है 5,000 पाउंड का बंकर बस्टर?
यह बम साधारण बम नहीं, बल्कि ऐसे ठिकानों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है जो जमीन के गहरे अंदर, कंक्रीट और चट्टानों के नीचे छिपे हों. इनकी खासियत है कि मोटी कंक्रीट और मिट्टी चीरकर भीतर घुसते हैं. अंदर जाकर विस्फोट करते हैं और भूमिगत मिसाइल बेस और स्टोरेज बंकर नष्ट कर सकते हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार, यह संकेत है कि अमेरिका ने ईरान की फोर्टिफाइड (मजबूत और छिपी) तटीय मिसाइल साइटों पर सीधा हमला कर उनकी क्षमता को कम करने की कोशिश की है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों महत्वपूर्ण है?
दुनिया में जितनी भी ऊर्जा खासकर तेल और गैस समुद्री मार्ग से ट्रांसपोर्ट होती है, उसका बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुजरता है. अमेरिका का दावा है कि ईरानी मिसाइलें इस रूट पर चल रहे जहाजों को निशाना बना सकती थीं. पिछले दिनों ईरान ने हमलों के बाद इस समुद्री रास्ते को लगभग बंद-सा कर दिया था.

अमेरिकी रणनीति क्या कहती है?
अमेरिका की रणनीति साफ दिखाती है कि इसका मकसद ईरान की तटीय मिसाइल क्षमता को कमजोर करना है. अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी को सुरक्षित करना है. ‘फ्रीडम ऑफ नेविगेशन’ यानी समुद्री रास्ते को खुला रखना है. अमेरिका का यह कदम ऐसे समय आया है जब ईरान, इजरायल और खाड़ी देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हो चुके हैं, और संघर्ष बढ़ने का खतरा बना हुआ है.

विशेषज्ञों के अनुसार, यह संकेत है कि अमेरिका ने ईरान की फोर्टिफाइड (मजबूत और छिपी) तटीय मिसाइल साइटों पर सीधा हमला कर उनकी क्षमता को कम करने की कोशिश की है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों महत्वपूर्ण है?
दुनिया में जितनी भी ऊर्जा खासकर तेल और गैस समुद्री मार्ग से ट्रांसपोर्ट होती है, उसका बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुजरता है. अमेरिका का दावा है कि ईरानी मिसाइलें इस रूट पर चल रहे जहाजों को निशाना बना सकती थीं. पिछले दिनों ईरान ने हमलों के बाद इस समुद्री रास्ते को लगभग बंद-सा कर दिया था.

अमेरिकी रणनीति क्या कहती है?
अमेरिका की रणनीति साफ दिखाती है कि इसका मकसद ईरान की तटीय मिसाइल क्षमता को कमजोर करना है. अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी को सुरक्षित करना है. ‘फ्रीडम ऑफ नेविगेशन’ यानी समुद्री रास्ते को खुला रखना है. अमेरिका का यह कदम ऐसे समय आया है जब ईरान, इजरायल और खाड़ी देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हो चुके हैं, और संघर्ष बढ़ने का खतरा बना हुआ है.

me.sumitji@gmail.com

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