Wednesday, March 18, 2026
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OTT पर ‘गंदा’ कंटेंट परोसने वालों की खैर नहीं! सरकार की रडार पर 15 OTT Apps!..

OTT पर ‘गंदा’ कंटेंट परोसने वालों की खैर नहीं! सरकार की रडार पर 15 OTT Apps!..
OTT पर ‘गंदा’ कंटेंट परोसने वालों की खैर नहीं! सरकार की रडार पर 15 OTT Apps!..

हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 10 से 15 OTT प्लेटफॉर्म्स जांच के दायरे में हैं. यह जानकारी संसदीय स्थायी समिति (कम्युनिकेशंस और आईटी) की रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स पर गैरकानूनी और आपत्तिजनक कंटेंट दिखाने का आरोप है, जिसके चलते इनकी जांच की जा रही है.

पहले भी कई प्लेटफॉर्म्स हो चुके हैं बैन
Ministry of Information and Broadcasting (MIB) ने समिति को बताया कि शुरुआत में 25 OTT प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया गया था और बाद में 18 और प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्रवाई की गई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। फिलहाल 10 से 15 प्लेटफॉर्म्स की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर लगातार ब्लॉकिंग ऑर्डर जारी किए जा रहे हैं. फरवरी में सरकार ने MoodXVIP, Koyal Playpro, Digi Movieplex, Feel और Jugnu जैसे पांच प्लेटफॉर्म्स को IT Rules 2021 के उल्लंघन के कारण बैन कर दिया था. इन पर अश्लील और यौन सामग्री दिखाने का आरोप था.

2025 में भी हुआ था बड़ा एक्शन
यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती दिखाई हो. 2025 के मध्य में भी बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 से ज्यादा ऐप्स को बैन किया गया था. इनमें ULLU और ALTT जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स भी शामिल थे. इन पर भी अश्लील और नियमों के खिलाफ कंटेंट दिखाने के आरोप लगे थे.

नियमों में खामियां, सख्त निगरानी की जरूरत
संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि ऑनलाइन मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म्स को लेकर मौजूदा नियमों में कुछ कमियां हैं. ऐसे में डिजिटल कंटेंट के लिए एक मजबूत और व्यवस्थित निगरानी ढांचा तैयार करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों को रोका जा सके.

फेक कंटेंट पर भी सख्त कार्रवाई
रिपोर्ट में Press Information Bureau की फैक्ट चेक यूनिट (PIB-FCU) के कामकाज की भी समीक्षा की गई. सरकार के अनुसार, यह यूनिट फेक कंटेंट को रोकने में सक्रिय है और अब तक करीब 1400 URLs को ब्लॉक किया जा चुका है.

10 मार्च 2026 को Supreme Court of India की तीन जजों की बेंच, जिसकी अगुवाई Surya Kant कर रहे थे, ने केंद्र सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करने का फैसला किया जिसमें Bombay High Court के फैसले को चुनौती दी गई थी. हाईकोर्ट ने PIB की फैक्ट चेक यूनिट को रद्द कर दिया था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.

बड़े इवेंट्स के दौरान बढ़ता है फेक कंटेंट
रिपोर्ट में बताया गया है कि फेक कंटेंट, जैसे फर्जी ऑडियो और वीडियो क्लिप्स, बड़े इवेंट्स के दौरान तेजी से फैलते हैं. इसमें सैन्य कार्रवाई, राजनीतिक घटनाएं, विरोध प्रदर्शन या कोई भी बड़ा मुद्दा शामिल हो सकता है, जो ऑनलाइन ट्रेंड करता है.

AI और एक्सपर्ट्स की मदद से होगा समाधान
समिति का मानना है कि फेक न्यूज और गलत जानकारी से निपटने के लिए मजबूत कदम उठाने की जरूरत है. इसके लिए AI टूल्स का इस्तेमाल बढ़ाने और क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार एक्सपर्ट्स की भर्ती करने की सिफारिश की गई है, ताकि कंटेंट को बेहतर तरीके से मॉनिटर किया जा सके.

me.sumitji@gmail.com

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