
8th pay commission latest: आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का केंद्रीय कर्मचारियों को बेसब्री से इंतजार है। वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में 18 से 20 महीने लग जाएंगे लेकिन इससे पहले केंद्रीय कर्मचारियों समेत अन्य हितधारकों को अपने सुझाव देने का सुनहरा मौका है। दरअसल, बीते दिनों आठवें वेतन आयोग ने एक वेबसाइट को लॉन्च किया और साथ में लोगों से सुझाव या राय मांगे। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अब ताजा खबर ये है कि वेतन आयोग को सुझाव सौंपने की डेडलाइन बढ़ा दी गई है। अब अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तय की गई है। इस कदम को कर्मचारियों के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है, क्योंकि वे सीधे तौर पर अपने सुझाव आयोग तक पहुंचा सकते हैं।
18 सवालों की विस्तृत प्रश्नावली
वेतन आयोग ने MyGov पोर्टल पर 18 सवालों का एक विस्तृत प्रश्नावली जारी किया है। इस प्रश्नावली के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालयों, विभागों, केंद्र शासित प्रदेशों, न्यायिक अधिकारियों, कोर्ट कर्मचारियों, नियामक संस्थाओं के सदस्यों, कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों से राय मांगी गई है। अहम बात है कि जवाब देने वाले के नाम का खुलासा नहीं होगा और प्रश्नावली के उत्तरों का विश्लेषण सामूहिक रूप से, बिना किसी विशेष व्यक्ति को पहचाने, किया जाएगा। कहने का मतलब है कि इस प्रक्रिया में गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा गया है।
वेतन आयोग ने दो अलग-अलग लिंक जारी किए हैं। एक लिंक सामान्य हितधारकों के लिए है। इसके अलावा दूसरा लिंक मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकृत या नामित नोडल और सब-नोडल अधिकारियों के लिए है। सभी संबंधित व्यक्ति और संस्थाएं MyGov पोर्टल पर जाकर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर सकते हैं।
वेतन आयोग करेगा मंथन
जानकारी के मुताबिक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को अधिक व्यावहारिक और कर्मचारी हितैषी बनाने में हितधारकों के सुझाव या राय को अहमियत दी जाएगी। कर्मचारियों के वेतन ढांचे, महंगाई भत्ते (DA), फिटमेंट फैक्टर और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर इस बार व्यापक विचार-विमर्श की उम्मीद की जा रही है। ऐसे में जिन संगठन या केंद्रीय कर्मचारियों को कुछ सुझाव देने हों उनके लिए एक सुनहरा मौका है कि वे 31 मार्च 2026 से पहले अपनी आवाज आयोग तक पहुंचाएं।
जनवरी 2025 में ऐलान
बता दें कि केंद्र सरकार ने बीते साल जनवरी महीने में आठवें वेतन आयोग के गठन का पहली बार ऐलान किया था। इसके बाद लंबे समय तक कोई सुगबुगाहट नहीं हुई और नवंबर महीने में वेतन आयोग के लिए समिति का गठन हुआ। वेतन आयोग को 18 महीने का समय दिया गया है। इस अवधि में सिफारिशें सरकार को सौंप देनी हैं।






