Tuesday, March 17, 2026
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‘गोरी पड़ोसन होना मेरे लिए गर्व की बात…’, रशियन महिला के लिए नरक बना अपना ही घर, इंजीनियर पड़ोसी ने एक साल तक किया टॉर्चर!

‘गोरी पड़ोसन होना मेरे लिए गर्व की बात…’, रशियन महिला के लिए नरक बना अपना ही घर, इंजीनियर पड़ोसी ने एक साल तक किया टॉर्चर!
‘गोरी पड़ोसन होना मेरे लिए गर्व की बात…’, रशियन महिला के लिए नरक बना अपना ही घर, इंजीनियर पड़ोसी ने एक साल तक किया टॉर्चर!

महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाने वाला पुणे शहर एक विदेशी महिला डॉक्टर के लिए मानसिक प्रताड़ना का केंद्र बन गया. विमान नगर जैसे पॉश इलाके में रहने वाली 43 वर्षीय रूसी डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) पिछले एक साल से जिस खौफ और मेंटल टॉर्चर से गुजरीं, उसकी दास्तां अब पुलिस की फाइलों तक पहुंची है. मामला केवल पीछा करने का नहीं, बल्कि एक महिला की निजता और उसकी मानसिक शांति को पूरी तरह भंग करने का भी है.

आरोपी की पहचान 32 वर्षीय विकास कुमार के रूप में हुई है, जो पेशे से इंजीनियर है. विडंबना देखिए कि शिक्षित होने के बावजूद आरोपी का व्यवहार किसी अपराधी जैसा था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वो उसी हाउसिंग सोसायटी में रहता है जहां पीड़ित महिला डॉक्टर रहती हैं. पुलिस के अनुसार, विकास पिछले एक साल से लगातार महिला का पीछा कर रहा था. यह टॉर्चर तब शुरू हुआ जब आरोपी ने सामान्य बातचीत के बहाने महिला के करीब आने की कोशिश की.

‘गोरी पड़ोसी’ होने पर गर्व है

महिला ने अपनी शिकायत में जो बातें बताईं, वे रोंगटे खड़े करने वाली हैं. आरोपी केवल पीछा ही नहीं करता था, बल्कि महिला के रूप-रंग पर भद्दी और असहज करने वाली टिप्पणियां भी करता था. पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने एक बार उससे यहां तक कह दिया- मुझे एक गोरी पड़ोसी होने पर गर्व है. यह शब्द सुनने में सामान्य लग सकते हैं, लेकिन एक विदेशी महिला के लिए, जो अकेले दूसरे देश में रह रही है, यह सीधे तौर पर नस्लीय और लैंगिक प्रताड़ना (Racial and Gender Harassment) का हिस्सा था. महिला जब भी सोसायटी के कैंपस में टहलने निकलती, विकास साये की तरह उसके पीछे हो लेता. बार-बार मना करने और अपनी नाराजगी जाहिर करने के बावजूद उसने पीछा करना बंद नहीं किया.

जब अपार्टमेंट की लॉबी तक पहुंचा

टॉर्चर की हद तब पार हो गई जब आरोपी विकास, महिला की सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए उसके अपार्टमेंट की लॉबी तक जा पहुंचा. इस घटना ने महिला को भीतर तक डरा दिया. उसे लगा कि अब उसका घर भी सुरक्षित नहीं है. महिला ने हिम्मत जुटाकर आरोपी को वॉर्निंग मैसेज भी भेजा कि वह अपनी हरकतों से बाज आए, लेकिन इंजीनियर आरोपी पर इसका कोई असर नहीं हुआ. उलटा, उसकी दखलंदाजी और बढ़ गई.

कानूनी कार्रवाई और पुलिस का पक्ष

लगातार हो रहे इस मेंटल टॉर्चर से तंग आकर आखिरकार महिला ने पुणे एयरपोर्ट पुलिस का दरवाजा खटखटाया. डीसीपी सोमय मुंडे ने बताया कि महिला का विस्तृत बयान दर्ज कर लिया गया है और विकास कुमार के खिलाफ पीछा करने और डराने-धमकाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने किसी डिजिटल माध्यम का उपयोग करके भी महिला को परेशान किया था.

me.sumitji@gmail.com

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