इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा अपनी मृत्यु की अफवाहों को खारिज करने के लिए एक कॉफी शॉप से साझा किया गया एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। अब ग्रोक के दावे ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। ग्रोक की तरफ से वीडियो को लेकर दावा किया गया है कि ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जेनरेटेड है। यह वीडियो ईरान में हुए हमले में उनकी मृत्यु की खबरों के इंटरनेट पर फैलने के बाद शेयर किया गया था। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वीडियो में नेतन्याहू ने अपनी मौत की खबरों का मजाक उड़ाते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि मैं कॉफी के लिए मर रहा हूं। हालांकि, ग्रोक ने दावा किया कि वीडियो असली नहीं है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जेनरेटेड डीपफेक क्लिप है। इस दावे ने उनके ठिकाने और कुशलक्षेम को लेकर अटकलों को और हवा दी है।
ग्रोक के स्क्रीनशॉट हुए वायरल
बहस तब और तेज हो गई जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मौजूद एआई चैटबॉट ग्रोक से एक यूजर ने इस वीडियो की प्रमाणिकता के बारे में पूछा। दरअसल, ग्रोक ने इसे सटायर वीडियो करार दिया है। एआई अस्सिटेंट ने वीडियो में कई ऐसे उदाहरण भी बताए जिनसे इसके नकली होने का संकेत मिलता है। चैटबॉट के मुताबिक वीडियो में वह एक कॉफी शॉप में बैठे हुए ईरान और लेबनान से जुड़े सैन्य ऑपरेशन की बात करते हुए दिखाई देते हैं, जबकि ऐसा कोई सार्वजनिक कार्यक्रम या घटना कहीं दर्ज नहीं है। ग्रोक के इस जवाब का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे वीडियो की असलियत को लेकर और भ्रम पैदा हो गया।
इजरायल विरोधी षड्यंत्र सिद्धांतों के लिए जाने जाने वाले जैक्सन हिंकल ने वीडियो में नेतन्याहू की जेब की असामान्य हरकतों की ओर भी इशारा किया। उनके पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, एक अन्य यूजर ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें वह क्षण दिखाया गया है जब नेतन्याहू अपना बायां हाथ जेब में डालते हैं। कुछ उपयोगकर्ताओं ने उनके कॉफी कप के स्क्रीनशॉट और वीडियो क्लिप भी संलग्न किए, जिनमें कथित तौर पर दिखाया गया है कि कॉफी “गुरुत्वाकर्षण को चुनौती देते हुए” गिर नहीं रही है। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि नेतन्याहू का बायां हाथ अधिक प्रभावी है, जबकि वीडियो में उन्हें दाएं हाथ से कॉफी पीते हुए दिखाया गया है।
Hey is it real?
— Meena Jan (@meenajanbetani)




