वॉयस ऑफ अमेरिका के हवाले से बताया गया है कि सोमवार को अमेरिका द्वारा किए गए नए हवाई हमलों के दौरान ईरान के चाबहार मुक्त व्यापार क्षेत्र के पास भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। खबरों के मुताबिक, हवाई हमलों में ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह पता नहीं चल पाया है कि इन हवाई हमलों में कोई हताहत हुआ है या नहीं। यह मुक्त व्यापार क्षेत्र ईरान के दक्षिण-पूर्वी सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तान की सीमा के पास स्थित है। विदेशी निवेश को आकर्षित करने और पारंपरिक तथा भीड़भाड़ वाले व्यापार क्षेत्रों से बचने के उद्देश्य से 1992 में स्थापित चाबहार मुक्त व्यापार क्षेत्र ईरान में एक प्रमुख औद्योगिक और पारगमन केंद्र के रूप में कार्य करता है। यह ईरान का एकमात्र समुद्री बंदरगाह भी है जिसकी हिंद महासागर तक सीधी पहुंच है। यह व्यापार क्षेत्र उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान जैसे कई मध्य एशियाई देशों के लिए पारगमन गलियारा प्रदान करता है और अफगानिस्तान तक भी पहुंच प्रदान करता है।
चाबहार के पास अमेरिका द्वारा हमला किए जाने का यह पहला मौका नहीं है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। 28 फरवरी को, अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले के पहले ही दिन, प्रांत में स्थित सैन्य ठिकानों पर हमला हुआ था। इस हमले में ईरान भर में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया था और तत्कालीन सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी गई थी। ये हमले मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच हुए। सोमवार को दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक ड्रोन हमले में ईंधन टैंक क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद भीषण आग लग गई। मध्य पूर्व में चल रहे अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के मद्देनजर एहतियात के तौर पर हवाई संचालन रोक दिया गया।
दुबई अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए तुरंत नागरिक सुरक्षा दल तैनात किए गए थे। दुबई शहर के केंद्र के करीब स्थित दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में से एक पर हुई इस घटना में अब तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है। दो घंटे बाद आग पर काबू पा लिया गया।




