
हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों के लिए सुबह 9 बजे से वोटिंग जारी है। इन तीनों राज्यों में क्रॉस वोटिंग का डर है। बिहार में तीन कांग्रेस विधायकों ने अब तक वोट नहीं डाला है। तीनों के फोन भी बंद आ रहे हैं। तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी को एक विधायक का इंतजार है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वह भी अब तक वोट डालने के लिए नहीं पहुंचे हैं।
अब तक NDA की तरफ से 201 विधायक वोट डाल चुके हैं। जबकि महागठबंधन की तरफ 37 विधायकों ने वोट डाले हैं।
हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहला वोट डाला। दोपहर 1 बजे तक तक चुनाव के लिए 70 वोट डाले गए हैं। वहीं, इनेलो के दोनों विधायकों ने वोट नहीं करने का फैसला किया है।
10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों में से 11 पर सोमवार को मतदान जारी है। 26 सीटों पर पहले ही उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। इनमें 13 एनडीए को और 13 विपक्ष की सीटें हैं। अभी 37 में से 25 सीटें इंडिया गठबंधन के पास, जबकि 12 NDA के पास हैं। चुनाव के बाद तस्वीर बदल सकती है। NDA को 8 सीटों का फायदा हो सकता है।
तीनों राज्यों के गणित को समझिए
हरियाणा में 2 सीटों के लिए 3 कैंडिटेड मैदान में, विपक्ष को क्रॉस वोटिंग का डरहरियाणा में विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं। 2 सीटों के लिए चुनाव होगा, लेकिन 3 उम्मीदवार मैदान में हैं। जीत के लिए 31 वोट जरूरी हैं। BJP के 48 विधायक हैं। BJP के एक प्रत्याशी संजय भाटिया का जीतना तय है। 17 वोट बचेंगे, जो निर्दलीय सतीश नांदल को जाएंगे। 3 निर्दलीय के अलावा इनेलो के 2 विधायक भी समर्थन दें तो संख्या 22 हो जाएगी।ये जीत से 9 वोट कम है। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं। ये एकजुट रहे तो पार्टी प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध को 31 से ज्यादा वोट मिल सकते हैं। लेकिन, क्रॉस वोटिंग हुई तो नतीजे पलट सकते हैं। पहले भी ऐसा हो चुका है, जब कांग्रेस के पास संख्याबल होने के बावजूद उसके प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था। ऐसा 2016 और 2022 में हुआ था।
बिहार में चार सीटों पर वोटिंग- कांग्रेस के 2 विधायक गायबबिहार विधानसभा की 243 सीटें हैं। यहां 5 सीटों पर 6 कैंडिडेट हैं। NDA के 202 विधायक है। वहीं, महागठबंधन के 35 विधायक हैं। मतलब NDA को 4 सीटें आसानी से मिल जाएंगी। उसके पास 202 विधायक हैं। 41 वोट के लिहाज से 4 सीटें जीत के लिए 164 विधायक लगेंगे। इसके बाद NDA के पास 38 विधायक बचेंगे और 5वीं सीट जीतने के लिए उसे 3 और विधायकों का समर्थन चाहिए। वहीं, महागठबंधन के पास अभी 35 विधायक हैं।
ओडिशा में 4 सीटों के लिए 5 उम्मीदवारों के बीच मुकाबलाओडिशा में विधानसभा की 147 सीटें हैं। यहां राज्यसभा की 4 सीटों के लिए चुनाव होगा, लेकिन 5 उम्मीदवार हैं। एक सीट पर जीत के लिए 30 विधायकों का समर्थन चाहिए। भाजपा के दो प्रत्याशी मनमोहन सामल और सुजीत कुमार की जीत तय है। BJD के पास 48 वोट हैं। उसने 2 उम्मीदवार उतारे हैं।संत्रुप्त मिश्रा और दत्तेश्वर होता। मिश्रा की जीत तय है। पेंच चौथी सीट पर फंसा है। भाजपा ने दिलीप राय को समर्थन दिया है। कांग्रेस के 14 और माकपा का एक विधायक होता के साथ हैं। क्रॉस वोटिंग पर नतीजे पलट सकते हैं।





