Sunday, March 15, 2026
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पृथ्वी की ओर बढ़ रही है ‘आफत’! हवाई जहाज जितना बड़ा एस्टेरॉइड आ रहा है करीब, नासा ने बताया कितना है खतरा!..

पृथ्वी की ओर बढ़ रही है ‘आफत’! हवाई जहाज जितना बड़ा एस्टेरॉइड आ रहा है करीब, नासा ने बताया कितना है खतरा!..
पृथ्वी की ओर बढ़ रही है ‘आफत’! हवाई जहाज जितना बड़ा एस्टेरॉइड आ रहा है करीब, नासा ने बताया कितना है खतरा!..

Asteroid 2024 MK NASA alert: स्पेस में घूम रहे एक बड़े एस्टेरॉयड को लेकर वैज्ञानिकों की नजरें आज आसमान पर टिकी हुई हैं. करीब 140 फीट चौड़ा यह एस्टेरॉयड आज पृथ्वी के पास से गुजरने वाला है. यह आकार में किसी बड़े कमर्शियल हवाई जहाज जितना विशाल है और बहुत तेज रफ्तार से हमारी ओर बढ़ रहा है. यह पत्थर लगभग 30,000 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से अंतरिक्ष में सफर कर रहा है. इसकी तेज रफ्तार और पृथ्वी के करीब से गुजरने की वजह से स्पेस साइंटिस्ट इस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. हालांकि राहत की बात यह है कि इससे पृथ्वी को किसी तरह का खतरा नहीं बताया गया है. इस एस्टेरॉयड का नाम 2007 EG है.

कितनी करीब होगी यह दूरी?
नासा के अनुसार, यह एस्टेरॉयड (2007 EG) हमारी धरती से करीब 10.6 लाख मील (17 लाख किलोमीटर) की दूरी से गुजरेगा. स्पेस के हिसाब से यह दूरी बहुत कम मानी जाती है, लेकिन इंसानी नजरिए से देखें तो यह सुरक्षित है. उदाहरण के लिए, चंद्रमा हमारी धरती से करीब 3.84 लाख किलोमीटर दूर है. इसका मतलब है कि यह एस्टेरॉयड चंद्रमा की तुलना में लगभग 4.5 गुना ज्यादा दूर से निकलेगा.

क्या यह खतरनाक है?
NASA उन एस्टेरॉयड्स को खतरनाक (Hazardous) मानता है, जो 460 फीट से बड़े हों और धरती से 75 लाख किलोमीटर के दायरे में आएं. ऐसे में इसका साइज 140 फीट (लगभग 43 मीटर) का है. इसीलिए नासा ने इसे खतरनाक श्रेणी से बाहर रखा है. नासा ने साफ किया है कि इससे धरती से टकराने का कोई खतरा नहीं है. यह सुरक्षित रूप से अपने रास्ते पर आगे बढ़ जाएगा.

तेज रफ्तार से करेगा सफर
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह एस्टेरॉयड स्पेस में बेहद तेज गति से यात्रा कर रहा है. जब यह पृथ्वी के पास से गुजरेगा, तब इसकी रफ्तार हजारों किलोमीटर प्रति घंटे होगी. स्पेस में मौजूद ज्यादातर एस्टेरॉयड इसी तरह तेज गति से अपनी कक्षा में घूमते रहते हैं. वैज्ञानिक लगातार इसके रास्ते और गति का अध्ययन कर रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह सुरक्षित दूरी से ही गुजरे.

एस्टेरॉयड क्या होते हैं
दरअसल, एस्टेरॉयड स्पेस में मौजूद पत्थर या धातु के बड़े टुकड़े होते हैं. माना जाता है कि ये सौर मंडल के बनने के समय के अवशेष हैं, जो आज भी सूर्य की परिक्रमा कर रहे हैं. इनमें से कई एस्टेरॉयड मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच मौजूद एस्टेरॉयड बेल्ट में पाए जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं, जिनकी कक्षा पृथ्वी के आसपास तक आ जाती है.

क्यों रखते हैं वैज्ञानिक नजर?
जब भी कोई बड़ा एस्टेरॉयड पृथ्वी के पास से गुजरता है, तो वैज्ञानिक उसकी गतिविधियों को ध्यान से देखते हैं. इससे उन्हें स्पेस में मौजूद ऐसे पिंडों की चाल और बनावट के बारे में नई जानकारी मिलती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके साथ ही यह भी पता चलता है कि अगर आने वाले समय में कोई एस्टेरॉयड पृथ्वी की ओर बढ़े, तो उससे बचाव के क्या तरीके अपनाए जा सकते हैं.

आम लोगों के लिए चिंता की बात नहीं
वैज्ञानिकों ने साफ कहा है कि इस एस्टेरॉयड से किसी तरह का खतरा नहीं है. यह पृथ्वी से सुरक्षित दूरी बनाते हुए आगे निकल जाएगा. हालांकि इस तरह की घटनाएं स्पेस साइंस के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. हर बार जब कोई बड़ा एस्टेरॉयड पृथ्वी के पास से गुजरता है, तो वैज्ञानिकों को उसे करीब से समझने और अध्ययन करने का मौका मिलता है. इसी वजह से दुनिया भर की स्पेस एजेंसियां ऐसे अंतरिक्ष पिंडों पर लगातार नजर रखती हैं.

me.sumitji@gmail.com

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