Friday, March 13, 2026
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दूध बेचने वालों के ल‍िए बदल गया न‍ियम! अब डेयरी वालों को कराना होगा यह काम, FSSAI की चेतावनी!..

दूध बेचने वालों के ल‍िए बदल गया न‍ियम! अब डेयरी वालों को कराना होगा यह काम, FSSAI की चेतावनी!..
दूध बेचने वालों के ल‍िए बदल गया न‍ियम! अब डेयरी वालों को कराना होगा यह काम, FSSAI की चेतावनी!..

FSSAI Milk Selling Rule: अगर आप अभी तक क‍िसी डेयरी या दुकान से दूध लेते हैं तो अब सावधान हो जाइए. जी हां, यह खबर आपके ल‍िये है. देश में दूध की प्‍योर‍िटी को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की तरफ से दूध को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है. इस एडवाइजरी के जर‍िये स्‍वतंत्र दूध उत्‍पादकों और दूध विक्रेताओं को FSSAI से रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेना जरूरी होगा. इस कदम के पीछे एफएसएसएआई (FSSAI) का मकसद दूध में म‍िलावट को रोकना और लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य का ध्‍यान रखना है.

क‍िन्‍हें रज‍िस्‍ट्रेशन कराना जरूरी?
एफएसएसएआई (FSSAI) की तरफ से साफ क‍िया गया क‍ि जो दूध उत्पादक डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटी के मेंबर नहीं हैं और अपना पूरा दूध सोसाइटी को नहीं देते, उन्‍हें FSSAI के साथ रजिस्ट्रेशन कराना होगा. यह नियम दूध बेचने वाले विक्रेताओं (वेंडर्स) पर भी लागू होता है. कोऑपरेटिव सोसायटी के मेंबर जो अपना पूरा दूध सोसायटी को सप्लाई करते हैं, उन्हें छूट है. एफएसएसएआई (FSSAI) को जानकारी म‍िली है क‍ि कई दूध उत्‍पादक और विक्रेता बिना रजिस्ट्रेशन के काम कर रहे हैं.

दूध में मिलावट की कई घटनाएं सामने आईं
हाल‍िया दिनों में कई राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दूध में मिलावट की घटनाएं सामने आई हैं. इससे लोगों की सेहत को खतरा है. एफएसएसएआई (FSSAI) ने कहा कि रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए. इससे दूध की क्‍वाल‍िटी पर नजर रखना आसान होगा और मिलावट करने वालों पर कार्रवाई हो सकेगी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। केंद्र और राज्य के प्रवर्तन अधिकारी, डेजिग्नेटेड ऑफिसर, सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी और फूड सेफ्टी ऑफिसर को निर्देश दिये गए हैं क‍ि वे जांच करें क‍ि दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के पास वैल‍िड रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या लाइसेंस है या नहीं.

म‍िल्‍क च‍िलर की भी रेगुलर जांच होगी
इसके अलावा दूध च‍िलर की भी रेगुलर जांच कराई जाएगी ताकि स्टोरेज तापमान सही रहे और दूध खराब न हो. क‍िसी भी तरह के न‍ियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी. एफएसएसएआई (FSSAI) की तरफ से राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया गया है कि वे स्‍पेशल अभियान चलाकर स्वतंत्र दूध उत्पादकों (Independent Milk Producers) और व‍िक्रेताओं को रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस दिलवाएं. इससे इनरेगुलर ट्रेड‍िंग पर रोक लगेगी और दूध की सप्लाई चेन स‍िक्‍योर बनेगी.

आम लोगों के लिए राहत की खबर
एफएसएसएआई (FSSAI) ने याद दिलाया कि 16 दिसंबर 2025 को भी म‍िल्‍क और म‍िल्‍क प्रोडक्‍ट पर स्‍पेशल ईडी चलाने के निर्देश दिए गए थे. एजेंसियों को हर पखवाड़े 15 और 30 तारीख तक एक्शन टेकन रिपोर्ट भेजनी होती है. अब इस नए एडवाइजरी से नियमों को और मजबूत किया जा रहा है. सरकार के इस फैसले से आम लोगों के लिए राहत की खबर है, क्‍योंक‍ि इससे रोजाना यूज होने वाले दूध की प्‍योर‍िटी तय हो सकेगी.

अक्‍सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब

सवाल: FSSAI रजिस्ट्रेशन क‍िसके ल‍िए जरूरी है?
जवाब: एफएसएसएआई (FSSAI) रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस सभी स्वतंत्र दूध उत्पादकों (independent milk producers) और दूध विक्रेताओं (milk vendors) के लिए लेना जरूरी है. यह व‍िक्रेताओं के ल‍िए है जो डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी के मेंबर नहीं हैं.

सवाल: इस रजिस्ट्रेशन को क्‍यों जरूरी क‍िया गया है?
जवाब: प‍िछले कुछ द‍िनों में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों दूध में मिलावट के मामले सामने आए हैं. FSSAI का मकसद दूध की सप्लाई चेन पर नजर रखना और मिलावट रोकना है. रजिस्ट्रेशन से उत्‍पादकों और विक्रेताओं की पहचान आसान हो सकेगी.

सवाल: रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर क्‍या होगा?
जवाब: यद‍ि रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस नहीं है तो FSSAI और राज्य के फूड सेफ्टी अधिकारी जांच के दौरान कार्रवाई कर सकते हैं. कार्रवाई के तहत जुर्माना, बिजनेस बंद करना या कानूनी एक्शन हो सकता है.

 

me.sumitji@gmail.com

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