Friday, March 13, 2026
ChambaHimachal

हिमाचल: 5 साल ड्यूटी से गायब रही बायोलॉजी मैडम की नौकरी खत्म, सिर्फ 3 दिन ही पहुंची थी स्कूल.

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में लापरवाही बरतने वाली एक प्रवक्ता के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। तीसा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तैनात जीव विज्ञान की प्रवक्ता को लंबे समय तक बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार अर्चना शर्मा ने 6 सितंबर 2019 को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तीसा में जीव विज्ञान की प्रवक्ता के रूप में पदभार संभाला था। हालांकि ज्वाइन करने के बाद वह केवल तीन दिन ही स्कूल में उपस्थित रहीं। इसके बाद उन्होंने लगातार अवकाश के आवेदन भेजने शुरू कर दिए और फिर 8 नवंबर 2019 से बिना अनुमति के ही ड्यूटी से अनुपस्थित हो गईं।

विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक वह करीब पांच वर्षों तक स्कूल नहीं लौटीं। इस दौरान उन्होंने न तो नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और न ही अनुपस्थिति का संतोषजनक कारण बताया।

मामले को गंभीर मानते हुए शिक्षा विभाग ने 16 अक्टूबर 2024 को केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के तहत उनके खिलाफ औपचारिक आरोप पत्र जारी किया और विभागीय जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान प्रवक्ता को कई बार नोटिस भेजकर अपना पक्ष रखने और जांच में शामिल होने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने इन नोटिसों का कोई ठोस जवाब नहीं दिया और न ही जांच अधिकारी के सामने पेश हुईं।

उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर जांच अधिकारी ने एकतरफा जांच पूरी की। रिपोर्ट में यह पाया गया कि संबंधित प्रवक्ता को बार-बार सूचना देने के बावजूद उन्होंने न तो जांच में भाग लिया और न ही ड्यूटी ज्वाइन की। ऐसे में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए।

इसके बाद 18 दिसंबर 2025 को शिक्षा विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। 4 फरवरी 2026 को उन्होंने विभाग को पत्र भेजा, लेकिन उसमें आरोपों के संबंध में कोई ठोस तर्क या साक्ष्य नहीं दिया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बजाय उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) देने का अनुरोध किया।

हालांकि विभाग ने इस मांग को खारिज कर दिया। विभाग ने स्पष्ट किया कि जब किसी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही हो या आरोप सिद्ध हो चुके हों, तब उसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का लाभ नहीं दिया जा सकता।

विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार प्रवक्ता की अनुपस्थिति के कारण स्कूल में जीव विज्ञान विषय की पढ़ाई प्रभावित हुई और छात्रों को शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ा। इन सभी तथ्यों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अर्चना शर्मा को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।

विभाग का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने के लिए इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाना जरूरी है।

me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply