Friday, March 13, 2026
Crime

पहले 40 वार कर बहन का मर्डर, अब जेल में कर रहा ‘मम्मी-मम्मी’; पछतावे की आग में जल रहा कातिल भाई

पहले 40 वार कर बहन का मर्डर, अब जेल में कर रहा ‘मम्मी-मम्मी’; पछतावे की आग में जल रहा कातिल भाई

मुरादाबाद में अपनी जुड़वा बहन हिमशिखा की नृशंस हत्या और मां पर जानलेवा हमले के आरोपी हार्दिक अब जेल में पछतावे की आग में जल रहा है. वह ‘मम्मी-मम्मी’ चिल्लाता है और घर जाने की जिद करता है. उसकी मानसिक हालत देख जेल प्रशासन सतर्क है. मां नीलिमा अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने भाई के घर में रह रहीं हैं, जबकि हार्दिक अपनी करनी पर शर्मिंदा है.

पहले 40 वार कर बहन का मर्डर, अब जेल में कर रहा ‘मम्मी-मम्मी’; पछतावे की आग में जल रहा कातिल भाई

जेल में बंद कातिल भाई हार्दिक

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में जुड़वा बहन की निर्मम हत्या के बाद मां पर जानलेवा हमला करने वाला इंजीनियर हार्दिक अब पछतावे की आग में जल रहा है. जेल की सलाखों के पीछे हार्दिक की रातें सिसकियों और बेचैनी में कट रही हैं. आम तौर पर वह गुमसुम रहता है, लेकिन अचानक ही ‘मम्मी-मम्मी’ चिल्लाने लगता है और घर जाने की जिद करते हुए रोने लगता है. उसकी मानसिक हालत को देखते हुए जेल प्रबंधन ने उसकी निगरानी बढ़ा दी है.

जेल प्रबंधन के मुताबिक हार्दिक ने जिस मां पर जानलेवा हमला किया था, आज उसी की चिंता उसे सता रही है. वह बार-बार जेल अधिकारियों से अपनी मां का हाल पूछता है. वहीं जब उसे मां की हालत के बारे में बताया जाता है तो परेशान हो जाता है. कहता है कि अब उनका ख्याल कौन रखेगा. उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे क्वारंटाइन बैरक में रखा है. यहां जेल के डॉक्टर लगातार उसके व्यवहार और उसकी ‘बहकी-बहकी’ बातों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं.

बर्बरता के साथ किया था बहन का मर्डर

मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र में आरोपी हार्दिक ने ​6 मार्च को हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं. इसने अपनी जुड़वा बहन हिमशिखा पर चाकू से एक-दो नहीं बल्कि 40 से ज्यादा वार किए. इसमें हिमशिखा की किडनी, लीवर और हार्ट जैसे अंग क्षतिग्रस्त हो गए और मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी. हार्दिक ने जेल में साथी कैदियों से बातचीत में बताया है कि वह अपनी मां को भी मार देना चाहता था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। दरअसल, उसे डर था कि मां अकेली रह जाएंगी. इसलिए उसने बहन की हत्या के बाद ऑफिस से मां को घर बुलाया और उन पर भी ताबड़तोड़ वार किए. बावजूद इसके उसकी मां जिंदा बच गई.

अस्पताल से घर पहुंची मां

इस वारदात में हार्दिक मां नीलिमा बुरी तरह घायल हो गईं थी. अस्पताल में वह चार दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच झूलती रहीं, लेकिन अब उन्हें इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है. फिलहाल वह सदमे में हैं और सुरक्षा की दृष्टि से अपने भाई के घर बदायूं में रह रही हैं. उधर जेल में बंद आरोपी हार्दिक अब अपने किए पर पछतावा जता रहा है. ऐसे में जेल प्रबंधन उसकी मानसिक स्थिति और अपराध की गंभीरता को देखते हुए सतर्क हो गया है.

me.sumitji@gmail.com

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