Bhandara Teacher POCSO Case: भंडारा के वडेगाव में दरिंदे शिक्षक की सेवा समाप्त! CEO मिलिंद सालवे ने दिए बर्खास्तगी के आदेश। पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज। शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई।

School Student Harassment Bhandara: भंडारा जिले के पवनी तहसील की वडेगाव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षक द्वारा मासूम छात्राओं के शोषण के शर्मनाक मामले में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। आरोपी शिक्षक अनिलकुमार जगन राऊत (54) तीसरी और चौथी कक्षा की छात्राओं को डरा-धमकाकर अश्लील वीडियो दिखा कर जबरन अश्लील हरकतें करता था।
आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी की जमकर पिटाई की करने के बाद पवनी पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छात्राओं की लगाता था पहरेदारी
आरोपी शिक्षक की दरिंदगी का दायरा बेहद वीभत्स है। वह कक्षा 3 और 4 की छात्राओं को कमरे के बाहर पहरेदार बनाकर खड़ा करता और अंदर मासूमों को अश्लील वीडियो दिखाकर उन्हें हवस का शिकार बनाता था। आरोपी न केवल छात्राओं को अश्लील हरकतें करने के लिए मजबूर करता, बल्कि उनके साथ शारीरिक शोषण भी करता था। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आरोपी ने डर का माहौल बना रखा था। छात्राओं ने बताया कि ‘किसी को बताया तो फेल कर देंगे’ की धमकी और शारीरिक प्रताड़ना के डर से वे लंबे समय तक खामोश रहीं।
शब्दों में बयान करना मुश्किल
जब पीड़ित छात्राओं और उनकी माताओं ने पुलिस को आपबीती सुनाई, तो रूह कांप उठी। शिक्षक के नाम पर कलंक बन चुके आरोपी की करतूतें इतनी वीभत्स हैं कि उन्हें शब्दों में बयां करना नामुमकिन है। पुलिस के सामने आई यह भयावह सच्चाई जानकर किसी भी आम नागरिक का खून खौल उठेगा। शिक्षा के मंदिर को हवस का अड्डा बनाने वाले इस दरिंदे ने न केवल मासूमों का बचपन छीना, बल्कि समाज का विश्वास भी तार-तार कर दिया है।
आरोपी शिक्षक को कैसे मिली नियुक्ति?
वडेगाव के स्कूल में मासूम छात्राओं के शोषण का आरोपी शिक्षक अनिलकुमार राऊत का आपराधिक इतिहास चौंकाने वाला है। वह जुलाई 2025 से यहां सक्रिय था, जबकि वर्ष 2018 में भी उस पर लाखांदूर के गवराला स्कूल में छात्राओं से अश्लील हरकतें करने का आरोप लगा था।
शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है कि गंभीर आरोपी को दोबारा सेवा में कैसे लिया गया। साथ ही, दो-शिक्षकों की स्कूल में एकल-शिक्षक व्यवस्था में उसे अकेले तैनात करना भी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
बर्खास्तगी के आदेश : सोनटक्के
जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) रवींद्र सोनटक्के ने ‘नवभारत’ को बताया कि आरोपी शिक्षक के निलंबन प्रस्ताव को जिला परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मिलिंद सालवे ने ठुकराते हुए उसे सीधे सेवा से पूर्णतः बर्खास्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
जिला बदली प्रक्रिया द्वारा गोंदिया से भंडारा स्थानांतरित यह शिक्षक पहले भी लाखांदूर में विवादों में रहा था, जहां से निलंबन के बाद वह तुमसर होते हुए वडेगांव पहुंचा। शिक्षा विभाग ने इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधवार तक बर्खास्तगी की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिया है।



