क्या आपने कभी अपने जूतों पर गौर किया है? अगर गौर किया है तो फिर आपने जूतों के पीछे जो स्ट्राइप्स लगे होते हैं, उन्हें भी देखा होगा। क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि वो क्यों होते हैं?

हर सर्कल में ऐसा एक इंसान जरूर मिल जाता है जिसे अलग-अलग जूते खरीदने और रोज अलग-अलग जूते पहनने का बहुत शौक होता है। लड़कों के ग्रुप में ऐसा कोई न कोई पक्का मिल जाएगा या फिर ऐसा भी हो सकता है कि ग्रुप के सभी लड़कों के पास एक से बढ़कर एक डिजाइन वाले जूते हों। आप भी शायद ऐसे लोगों की लिस्ट में शामिल हों और आपके पास भी मस्त से मस्त जूतों का गजब का कलेक्शन हो। अगर ऐसा है तो फिर हम आपके लिए जूतों से जुड़ी एक ऐसा जानकारी लेकर आए हैं जो शायद आपको भी नहीं पता हो। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आइए फिर आपको उसके बारे में बताते हैं।
जूतों में पीछे लगे होते हैं स्ट्राइप्स
आप एक काम कीजिए। आपने अगर जूते पहने हुए हैं तो फिर जरा जूतों के पीछे नजर डालिए और नहीं पहने हैं तो फिर जूते निकालिए और फिर उनके पीछे देखिए। आपको दिखेगा कि जूतों के पीछे स्ट्राइप्स लगे होते हैं। जहां से हम जूते में पैर डालते हैं, ठीक उसी जगह पर सबसे पीछे दोनों जूतों में एक-एक स्ट्राइप लगा होता है। मगर क्या आप यह जानते हैं कि यह स्ट्राइप्स क्यों होते हैं और जूतों में इन्हें क्यों दिया जाता है? चलिए हम आपको इसके बारे में बताते हैं।
आखिर क्यों होते हैं जूतों में ये स्ट्राइप्स?
जूतों के पीछे ये जो स्ट्राइप्स लगे होते हैं उन्हें हील टैब या फिर पुल लूप कहते हैं। दरअसल जूतों के पीछे ये काम के लिए दिए जाते हैं। इनकी मदद से आपको जूते पहनने में आसानी होती है क्योंकि इन्हें पीछे की तरफ खींचकर आप आराम से जूते पहन सकते हैं और जूते के हील काउंटर को नुकसान नहीं पहुंचता है। इसके अलावा ये जूतों को सुखाने के लिए भी काम आते हैं। आप इन फीतों में जूता टांग सकते हैं। वहीं कुछ कंपनियां इसका इस्तेमाल ब्रांडिंग के लिए करते हैं क्योंकि इन पर उनकी कंपनी का नाम लिखा होता है।






