पाकिस्तान ने अपनी सीमाओं को चुनौती देने वाली ताकतों को ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ (इंसाफ का कहर) के जरिए रूह कंपा देने वाला जवाब दिया है। 26 फरवरी से शुरू हुए इस महा-अभियान ने अफगान तालिबान के खेमे में तबाही मचा दी है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने महज दो हफ्तों के भीतर 641 आतंकियों को ढेर कर यह साफ कर दिया है कि मुल्क की अखंडता से खिलवाड़ करने वालों का अंजाम सिर्फ मौत है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह अभियान महज एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि सीमा पार से होने वाली कायराना हरकतों पर पाकिस्तान का प्रचंड प्रतिशोध है। 850 से ज्यादा घायल आतंकियों और धू-धू कर जलते उनके सैन्य बुनियादी ढांचों ने यह साबित कर दिया है कि अब पाकिस्तान की बर्दाश्त की सीमा समाप्त हो चुकी है। यह ‘इंसाफ का गुस्सा’ अब उन ताकतों को जड़ से उखाड़ने के लिए निकल पड़ा है जो शांति के रास्ते में दीवार बनने की हिमाकत कर रही हैं।
अफगानिस्तान की ओर से 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा पर 53 स्थानों पर हमला किए जाने के बाद, पाकिस्तान ने 26 फरवरी को ऑपरेशन गजब-लिल-हक (इंसाफ के लिये गुस्सा) नामक सैन्य कार्रवाई शुरू की।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अत्ताउल्ला तरार ने ‘एक्स’ पर बताया, “641 तालिबान आतंकवादी मारे गए हैं और 855 अन्य घायल हुए हैं।”
तरार ने ताजा जानकारी साझा करते हुए बताया कि 243 अफगान चौकियों को नष्ट कर दिया गया है, जबकि 42 अन्य को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अपने कब्जे में लेकर नष्ट कर दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान के दौरान 219 टैंक, बख्तरबंद वाहन और तोपें भी नष्ट कर दी गईं जबकि अफगानिस्तान में 65 स्थानों को सटीक हवाई हमलों से निशाना बनाया गया।



