Thursday, March 12, 2026
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गड्ढे से टकराकर उछली एंबुलेंस और लौट आए प्राण! पीलीभीत में ब्रेन डेड महिला के साथ हुआ चमत्कार, डॉक्टर भी हैरान

गड्ढे से टकराकर उछली एंबुलेंस और लौट आए प्राण! पीलीभीत में ब्रेन डेड महिला के साथ हुआ चमत्कार, डॉक्टर भी हैरान

Pilibhit Brain Dead Women Miracle: डॉक्टरों ने जिस महिला को लगभग ब्रेन डेड मान लिया था और जिसके अंतिम संस्कार की तैयारी घर पर शुरू हो चुकी थी, उसी महिला की सांस अचानक एंबुलेंस में लौट आई।

गड्ढे से टकराकर उछली एंबुलेंस और लौट आए प्राण! पीलीभीत में ब्रेन डेड महिला के साथ हुआ चमत्कार, डॉक्टर भी हैरान

Pilibhit Women Brain Dead Case: यूपी के पीलीभीत में ऐसा चमत्कार हुआ कि सुनकर आप भी दांतों तले उंगली दबा लेंगे। डॉक्टरों ने एक महिला को लगभग ब्रेन डेड मान लिया था और उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां घर पर शुरू हो चुकी थीं, लेकिन एंबुलेंस में अचानक उसकी सांस लौट आई। इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर वापस पहुंच चुकी हैं।

क्या है पूरा मामला?

पीलीभीत के गोकुलपुरम कॉलोनी की विनीता शुक्ला 22 फरवरी को अपने घर में अचानक बेहोश हो गईं। परिवार तुरंत उन्हें जिला अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई और उन्हें बड़े हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद विनीता को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह दो दिनों तक वेंटिलेटर पर रहीं। डॉक्टरों के अनुसार उनके हाथ-पैर सुन्न थे और आंखों की पुतलियां फैल चुकी थीं। डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि वेंटिलेटर हटाने पर उनकी मौत हो सकती है।

अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं

डॉक्टरों की चेतावनी के बाद परिवार टूट गया। 24 फरवरी को उनके पति कुलदीप शुक्ला विनीता को एंबुलेंस से घर ले जा रहे थे, जहां अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू हो गई थीं और रिश्तेदार इकट्ठा होने लगे थे।

एंबुलेंस में हुआ चमत्कार

इसी दौरान एंबुलेंस में विनीता को अचानक एक जोर का झटका लगा और उनकी सांस चलने लगी। परिजन हैरान रह गए। उन्हें तुरंत अंतिम संस्कार के लिए नहीं ले जाया गया बल्कि पीलीभीत के राकेश न्यूरो सिटी हॉस्पिटल पहुंचाया गया।

इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौटी

अस्पताल में विनीता का तुरंत इलाज शुरू हुआ। लगातार 14 दिनों तक इलाज के बाद उनकी हालत में तेजी से सुधार हुआ और अंततः वह पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गईं।डॉक्टर राकेश सिंह ने कहा, “महिला को ब्रेन डेड समझा गया था और अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। अचानक सांस लौट आई, और परिजनों के भरोसे व हमारी कोशिशों से उनकी जान बच पाई। यह सचमुच ऊपर वाले की कृपा है।”

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