पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार को अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने ईरान के 16 ऐसे जहाजों को नष्ट कर दिया है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें (Sea Mines) बिछाने की तैयारी में थे। अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन के कुछ वीडियो भी जारी किए हैं, जो इस क्षेत्र में छिड़ी ‘जंग’ की गंभीरता को दर्शाते हैं। एक ओर जहां अमेरिकी सेना ने ईरानी जहाजों को निशाना बनाने का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने स्थिति को थोड़ा रहस्यमयी बना दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा विस्फोटक या बारूदी सुरंगें लगाए जाने की कोई पुख्ता सूचना नहीं है।
संघर्ष के 11वें दिन में प्रवेश करने के साथ ही दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी तेज कर दी है। ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान ने जलडमरूमध्य में कोई बारूदी सुरंग बिछाई भी है तो वह उसे तुरंत हटा ले अन्यथा उस पर ‘‘अब तक के सबसे भीषण’’ हमले किए जाएंगे।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी अब तक के सबसे भीषण हमलों का संकल्प दोहराया है।
इससे पहले ईरान ने क्षेत्र के तेल निर्यात को रोकने की धमकी दी है। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि वह तेल टैंकर को उस जलमार्ग से गुजरने से रोक सकता है, जिसके जरिए दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की ढुलाई होती है।
अमेरिकी सेना द्वारा जारी वीडियो और ट्रंप की धमकियों ने यह साफ कर दिया है कि अमेरिका किसी भी कीमत पर तेल की आवाजाही को बाधित नहीं होने देगा। वहीं, ईरान अपनी मिसाइल शक्ति और ड्रोन बेड़े के दम पर अमेरिका को चुनौती दे रहा है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यदि यह गतिरोध सैन्य टकराव में बदलता है, तो यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित होगा।



