इजराइल और अमेरिका ने ईरान के हर कोने में तबाही मचा दी है। ईरान के चप्पे-चप्पे पर मिसाइलें गिर रही हैं। तेहरान के शहरान फ्यूल डिपो में जबरदस्त आग लग गई है। ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम लगभग 80% तबाह हो चुका है। लेकिन इस भीषण बमबारी के बीच भी ईरान का एक ऐसा छोटा सा इलाका है जिसे इजराइल और अमेरिका अभी तक ना तो छू पाए हैं और शायद आगे भी नहीं छू पाएंगे। सिर्फ 20 स्क्वायर किलोमीटर का यह इलाका ईरान की सबसे बड़ी ताकत भी है और सबसे बड़ी कमजोरी भी। अगर इस इलाके को उड़ा दिया जाए तो कुछ ही घंटों में पूरा ईरान तबाह हो जाएगा। लेकिन ईरान के इस इलाके में ऐसा क्या है कि अमेरिका और इजराइल इसे छूने से डर रहे हैं। दरअसल ईरान में चल रही भीषण जंग के बीच यह चमत्कार खार्ग द्वीप में हुआ है। ईरान के खार्ग द्वीप में अमेरिका और इजराइल पत्ता तक नहीं हिला पाए हैं। खार्ग आइलैंड ईरान के तट से सिर्फ 25 कि.मी. दूर उत्तरी फारस की खाड़ी में स्थित है। यह एक 20 स्क्वायर किलोमीटर का कोरल द्वीप है। आपको बता दें कि खार्ग आइलैंड को ईरान की अर्थव्यवस्था का पावर हाउस कहा जाता है। ईरान का लगभग सारा कच्चा तेल यहीं से लोड होता है और दुनिया भर में जाता है। ईरान की अर्थव्यवस्था का 40% बजट यहीं से आता है। ईरान का सरकारी खजाना और ईरान की सेना की सैलरी इसी द्वीप से कमाए गए पैसों से आती है।
ऐसे में अगर अमेरिका या इजराइल ईरान के खार्ग द्वीप पर हमला कर देता है। तो ईरान की अर्थव्यवस्था कुछ ही दिनों में बर्बाद हो जाएगी। लेकिन इसी के साथ असल मायनों में तीसरा विश्व युद्ध भी शुरू हो जाएगा। हैरानी की बात देखिए कि ईरान ने खार्ग द्वीप पर केवल पुराने हॉक मिसाइल सिस्टम को ही तैनात कर रखा है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अमेरिका और इजराइल चाहे तो वह चुटकियों में इस पूरे द्वीप को उड़ा सकते हैं। लेकिन अमेरिका और इजराइल ऐसा नहीं कर पा रहे। इसकी तीन बड़ी वजह हैं। पहली यह कि खारक द्वीप पर अटैक करने का मतलब है कि बाजार से 20 लाख बैरल तेल गायब करना। अगर ऐसा हुआ तो ब्रैंड क्रूड ऑयल की कीमत $50 प्रति बैरल तक जा सकती है जो पूरी दुनिया को एक भयानक मंदी में झोंक सकता है। दूसरी वजह यह है कि चीन अपनी जरूरत का सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 14 लाख बैरल तेल प्रतिदिन ईरान के खार्ग द्वीप से ही लेता है। खार्ग द्वीप पर हमला चीन को सीधे-सीधे युद्ध में उतरने का बहाना दे देगा। तीसरी वजह जिसके कारण इजरायल और अमेरिका खार्क द्वीप पर हमला करने से बच रहे हैं वो ये है कि तेल की कीमतें बढ़ेंगी।
खार्ग द्वीप क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
फ़ारसी खाड़ी में, ईरान की मुख्य भूमि के तट से लगभग 24 किलोमीटर दूर स्थित खारग द्वीप ईरान के लिए एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण भूभाग है, क्योंकि ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने से पहले इसी द्वीप से होकर गुजरता है। सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस द्वीप की लोडिंग क्षमता लगभग 70 लाख बैरल प्रतिदिन है। ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए खार्ग द्वीप का महत्व इसे एक खतरनाक स्थिति में डालता है, खासकर चल रहे युद्ध के दौरान जब अमेरिका और इज़राइल ईरान को कमजोर करने के तरीके तलाश रहे हैं। हालांकि, सीएनबीसी की रिपोर्ट में विश्लेषकों के हवाले से कहा गया है कि द्वीप पर नियंत्रण तभी संभव होगा जब अमेरिका और इज़राइल ईरान में जमीनी सेना भेजें। हालांकि अमेरिका अभी ईरान में जमीनी सेना भेजने के लिए उत्सुक नहीं दिख रहा है, राष्ट्रपति ट्रम्प ने ऐसी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। शनिवार को ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा कि जमीनी सेना की तैनाती संभव है, लेकिन केवल “बहुत अच्छे कारण” होने पर ही। ट्रंप ने कहा था अगर हमने कभी ऐसा किया, तो ईरानी] इतने तबाह हो जाएंगे कि वे जमीनी स्तर पर लड़ने में सक्षम नहीं होंगे। शायद किसी समय हम ऐसा करेंगे। हमने अभी तक ऐसा नहीं किया है। हम अभी ऐसा नहीं करेंगे। शायद हम बाद में ऐसा करेंगे।


